सोना खरीदने से पहले जान लें ये सच, वरना हो सकता है नुकसान

Edited By Updated: 18 Apr, 2026 04:16 PM

know these facts before buying gold otherwise you could face losses

अगर आप सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ कीमत ही नहीं बल्कि खरीदने का तरीका भी उतना ही अहम है। आजकल बाजार में डिस्काउंट, मेकिंग चार्ज फ्री या गोल्ड सेविंग स्कीम जैसे ऑफर खूब दिखते हैं लेकिन इनका सच जानना जरूरी है।

बिजनेस डेस्कः अगर आप सोना खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ कीमत ही नहीं बल्कि खरीदने का तरीका भी उतना ही अहम है। आजकल बाजार में डिस्काउंट, मेकिंग चार्ज फ्री या गोल्ड सेविंग स्कीम जैसे ऑफर खूब दिखते हैं लेकिन इनका सच जानना जरूरी है।

सोने की बढ़ती कीमतों और निवेश के बढ़ते रुझान के बीच ज्वेलर्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई लुभावनी स्कीमें पेश कर रहे हैं। पहली नजर में ये ऑफर फायदे का सौदा लगते हैं लेकिन कई बार इनमें छिपी शर्तें आपके नुकसान का कारण बन सकती हैं। ऐसे में सोना खरीदने से पहले इन स्कीमों की हकीकत समझना बेहद जरूरी है, ताकि आप सुरक्षित और समझदारी से निवेश कर सकें।

कैसे काम करती हैं स्कीम्स?

ज्यादातर ज्वैलर्स मासिक गोल्ड स्कीम्स पेश करते हैं, जिनमें आप एक तय समय के लिए रकम जमा करते हैं। समय सीमा खत्म होने पर, आप जमा हुई रकम से गहने खरीदते हैं। कई मामलों में, ज्वैलर एक छोटा-सा बोनस भी देता है—जो आमतौर पर एक महीने की किस्त के बराबर होता है या फिर मेकिंग चार्ज पर छूट के रूप में मिलता है।

सबसे बड़ी गलतफहमी

गोल्ड इंस्टॉलमेंट स्कीम्स को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह होती है कि लोग समझते हैं कि वे आज के रेट पर सोना खरीद रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि इन स्कीम्स में आप सिर्फ ज्वैलर के पास पैसे जमा कर रहे होते हैं। सोने का असली भाव उस समय लागू होता है, जब आप ज्वेलरी खरीदते हैं, न कि जब आप स्कीम शुरू करते हैं। ऐसे में, अगर बीच में सोने की कीमत बढ़ जाती है, तो आपको उसी बढ़ी हुई कीमत पर खरीदारी करनी पड़ती है। इसलिए, यह सोचना कि आपने पहले ही सोना 'लॉक' कर लिया है, सही नहीं है—आप बस अपनी पेमेंट को किस्तों में बांट रहे होते हैं।

मेकिंग चार्ज को नजरअंदाज न करें

अक्सर लोग मेकिंग चार्ज पर ध्यान नहीं देते। भले ही स्कीम में छूट या माफी का दावा किया जाए लेकिन उसके साथ कई शर्तें जुड़ी होती हैं। यह छूट सिर्फ कुछ खास डिजाइनों पर लागू हो सकती है या इसकी एक सीमा तय हो सकती है। अगर आप इन शर्तों से बाहर का कोई डिजाइन चुनते हैं, तो आपको अतिरिक्त मेकिंग चार्ज देना पड़ सकता है, जिससे कुल खर्च बढ़ जाता है।

कब फायदेमंद होती है यह स्कीम?

यह स्कीम तब उपयोगी है, जब आपको पहले से पता हो कि आप ज्वेलरी खरीदने वाले हैं—जैसे शादी या त्योहार के लिए। यह धीरे-धीरे पैसे जमा करने का एक आसान तरीका हो सकता है, खासकर अगर आप उसी ज्वैलर से खरीदने में सहज हैं लेकिन इसे निवेश या सोने की कीमत लॉक करने का तरीका समझना गलत हो सकता है।
 

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