Edited By jyoti choudhary,Updated: 11 Mar, 2026 06:03 PM

देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने कहा कि गैस सप्लाई सामान्य है और उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग के करीब ढाई दिन बाद मिल जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि घबराहट में अतिरिक्त...
बिजनेस डेस्कः गैस की कमी की आशंकाओं के बीच सरकार ने कहा है कि Liquefied Natural Gas (LNG) के दो कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं। 11 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने यह जानकारी दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार ने कहा कि बुकिंग के ढाई दिन बाद सिलेंडर मिलेगा। सरकार ने जनता से अपील भी की है कि लोग घबराहट में सिलेंडर बुक करके जमा न करें। इसमें कहा गया कि LPG की बढ़ी लागत का बोझ सरकार ने उठाया। पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत में LPG सस्ती है।
LPG की घबराहट में बुकिंग की जरूरत नहीं
देश में LPG की घबराहट में हो रही बुकिंग को लेकर भी सरकार ने सफाई दी है। सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू LPG की सामान्य डिलीवरी साइकिल करीब ढाई दिन की ही बनी हुई है। इसलिए ग्राहकों को जल्दबाजी में सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के बीच सरकार लगातार ऊर्जा सप्लाई की निगरानी कर रही है और जरूरी कदम उठा रही है।
रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रहीं
सरकारी अधिकारी के मुताबिक देश की रिफाइनरियां इस समय अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं। कुछ रिफाइनरियां अपनी निर्धारित क्षमता से भी ज्यादा उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि भारत में गैस की कुल खपत करीब 189 mmscmd है। इसमें से 97.5 mmscmd गैस देश में ही उत्पादन होती है, जबकि बाकी गैस आयात की जाती है। फोर्स मेज्योर जैसी स्थितियों के कारण करीब 47.4 mmscmd गैस सप्लाई प्रभावित हुई है।
क्रूड ऑयल सप्लाई सुरक्षित
सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में क्रूड ऑयल की सप्लाई फिलहाल सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि आज जितनी मात्रा में क्रूड सुरक्षित किया गया है, वह आम तौर पर Strait of Hormuz से आने वाली सप्लाई से भी ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने अलग-अलग देशों से कई क्रूड कार्गो सुनिश्चित किए हैं। अभी भारत का करीब 75 प्रतिशत क्रूड आयात होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों से आ रहा है, जबकि पहले यह हिस्सा करीब 55 प्रतिशत था।
कतर के फैसले के बाद बढ़ी चिंता
गैस सप्लाई को लेकर चिंता तब बढ़ी जब पिछले हफ्ते कतर ने उत्पादन रोकने का फैसला किया। कतर भारत को LNG सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है। यह फैसला उस समय लिया गया जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद खाड़ी देशों पर जवाबी कार्रवाई की।
LPG की कमी नहीं: पेट्रोलियम मंत्री
इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि घरेलू इस्तेमाल के लिए LPG की कोई कमी नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से घबराकर ज्यादा बुकिंग न करने की अपील की।
LPG उत्पादन बढ़ाया गया
स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने आपात कदम उठाए हैं और रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकारी अधिकारी के मुताबिक भारत अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत LPG आयात करता है और इसमें से लगभग 90 प्रतिशत सप्लाई Strait of Hormuz के रास्ते आती है। उन्होंने बताया कि सरकार के कदमों के बाद घरेलू LPG उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है और इसे प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है।