कैंसर के मरीजों को राहत, इन 3 दवाओं के घटेंगे दाम, सरकार ने दिए निर्देश

Edited By Updated: 29 Oct, 2024 05:52 PM

government s instructions to reduce the price of these 3 anti cancer drugs

कैंसर मरीजों को आने वाले दिनों में दवा खर्च में कुछ राहत मिलने के आसार हैं। सरकार ने दवा कंपनियों से कैंसर रोधी तीन दवाओं- ट्रैस्टुजुमैब, ओसिमर्टिनिब और डुरवालुमैब पर एमआरपी कम करने का निर्देश दिया है। सरकार के इस निर्देश के पीछे मकसद यह है कि सीमा...

बिजनेस डेस्कः कैंसर मरीजों को आने वाले दिनों में दवा खर्च में कुछ राहत मिलने के आसार हैं। सरकार ने दवा कंपनियों से कैंसर रोधी तीन दवाओं- ट्रैस्टुजुमैब, ओसिमर्टिनिब और डुरवालुमैब पर एमआरपी कम करने का निर्देश दिया है। सरकार के इस निर्देश के पीछे मकसद यह है कि सीमा शुल्क छूट और जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके। दवाओं की किफायती कीमतों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता के मुताबिक, राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया है।

तीनों दवाओं पर सीमा शुल्क घटाकर शून्य किया गया है

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में की गई घोषणा के अनुसरण में है, जिसमें इन तीन कैंसर रोधी दवाओं को सीमा शुल्क से छूट दी गई है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने इस वर्ष 23 जुलाई को एक नोटिफिकेशन जारी कर तीनों दवाओं पर सीमा शुल्क घटाकर शून्य कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि इसके मुताबिक, बाजार में इन दवाओं की एमआरपी में कमी होनी चाहिए और टैक्स और शुल्कों में कमी का लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाना चाहिए।

प्राइस लिस्ट या पूरक मूल्य सूची जारी करनी होगी

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि निर्माताओं को डीलरों, राज्य औषधि नियंत्रकों और सरकार को प्राइस लिस्ट या पूरक मूल्य सूची जारी करनी होगी, जिसमें परिवर्तन का संकेत हो और मूल्य परिवर्तन के बारे में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण को जानकारी देनी होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 2024-25 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए ट्रैस्टुजुमैब, ओसिमर्टिनिब और डुरवालुमैब पर सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने का प्रस्ताव रखा।

दवा और चिकित्सा प्रौद्योगिकी निर्यात में तेजी रहेगी जारी

वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद चालू वित्त वर्ष में भारत के दवा और चिकित्सा प्रौद्योगिकी निर्यात में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। भारत में दवा विकास के लिए सरकार का समर्थन बढ़ाए जाने के साथ कैंसर, मधुमेह, एचआईवी और तपेदिक सहित कई चिकित्सीय क्षेत्रों के लिए 16 ‘ब्लॉकबस्टर मोलेक्यूल’ के भारत में उत्पादन की योजना बनाई जा रही है।
 

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