HPCL ने बीते वित्त वर्ष में 17,258 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ कमाया

Edited By Updated: 13 May, 2026 06:06 PM

hpcl posts record net profit of 17 258 crore in the last fiscal year

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 17,258 करोड़ रुपए शुद्ध लाभ कमाया है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में उसका एकल शुद्ध लाभ 46 प्रतिशत बढ़कर 4,901.50 करोड़ रुपए हो...

नई दिल्लीः हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 17,258 करोड़ रुपए शुद्ध लाभ कमाया है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में उसका एकल शुद्ध लाभ 46 प्रतिशत बढ़कर 4,901.50 करोड़ रुपए हो गया जो एक साल पहले 3,354.98 करोड़ रुपए था। रिकॉर्ड तिमाही लाभ ऐसे समय दर्ज किया गया है जबकि मार्च में कंपनी को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने से भारी नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी ने अन्य सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं के साथ मिलकर पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई अस्थिरता से घरेलू बाजार को बचाए रखा। 

समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी ने कच्चे तेल के हर बैरल को ईंधन में बदलने पर 8.79 अमेरिकी डॉलर कमाए जबकि सकल रिफाइनिंग मुनाफा 5.74 डॉलर प्रति बैरल था। समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 17,175.23 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो 2024-25 के 7,271.32 करोड़ रुपए से दोगुना से अधिक है। यह लाभ वित्त वर्ष 2023-24 के 14,694 करोड़ रुपए के मुनाफे से भी अधिक है। वित्त वर्ष 2023-24 में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड सहित सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं ने रिकॉर्ड मुनाफा कमाया था क्योंकि तेल कीमतों में गिरावट के बावजूद खुदरा ईंधन कीमतें स्थिर रहने से उन्हें बेहतर मुनाफा मिला था। 

पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल, 2022 से स्थिर हैं और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि के बाद भी यह स्थिति बनी रही। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक विकास कौशल ने कहा कि चालू तिमाही (2026-27 वित्त वर्ष की पहली तिमाही) के ''कठिन रहने के आसार हैं और अप्रैल-जून में कंपनी को नुकसान हो सकता है।'' अप्रैल-जून वह पहली तिमाही होगी जब पश्चिम एशिया संघर्ष का पूरा असर देखने को मिलेगा। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले से शुरू हुआ। इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई में होर्मुज जलडमरूमध्य अवरुद्ध हो गया जिसके जरिये भारत और दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल एवं गैस आपूर्ति होती है।

उन्होंने कहा, ''पहली तिमाही में नुकसान होगा... स्थिति बहुत अस्थिर है, इसलिए किसी प्रकार का अनुमान देना संभव नहीं है।'' कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति शेयर 19.25 रुपए के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर पांच रुपए के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है।  
 

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!