Edited By jyoti choudhary,Updated: 15 Oct, 2023 01:25 PM

हाल ही में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो-2023 के दौरान उद्योग संगठन इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) को नए निवेश की कुल 2,755 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धताएं मिली हैं। आईबीए के चेयरमैन गौरव केडिया ने कहा, ‘‘जैव ऊर्जा संयंत्रों के परिचालकों,...
नई दिल्लीः हाल ही में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो-2023 के दौरान उद्योग संगठन इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) को नए निवेश की कुल 2,755 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धताएं मिली हैं। आईबीए के चेयरमैन गौरव केडिया ने कहा, ‘‘जैव ऊर्जा संयंत्रों के परिचालकों, विनिर्माताओं और योजनाकारों के इंडियन बायोगैस एसोसिएशन को इस एक्सपो के दौरान कुल 2,755 करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धताएं मिली हैं।''
रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (आरईए) का आयोजन चार से छह अक्टूबर के दौरान ग्रेटर नोएडा में किया गया था। इस दौरान एसोसिएशन ने कई संयुक्त उद्यम (जेवी) समझौते किए। इसके अलावा उसने कुछ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और उसे आशय पत्र (एलओआई) भी मिले। केडिया ने बताया कि उद्योग जगत ने जो वादा किया है उसके तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है।
केडिया ने बताया कि जर्मनी, स्वीडन और इटली जैसे विभिन्न देशों की कंपनियों ने इसमें भारी रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने 1,000 करोड़ रुपए से अधिक के संयुक्त उद्यम समझौते किए। इसके अलावा हमें देश में कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के लिए 54 और एलओआई मिल सकते हैं।'' आईबीए भारत में बायोगैस संयंत्र के परिचालकों, विनिर्माताओं और योजनाकारों का पहला राष्ट्रीय स्तर का पेशेवर बायोगैस संघ है। एसोसिएशन की स्थापना 2011 में हुई थी और बायोगैस के माध्यम से हरित भविष्य को बढ़ावा देने के लिए 2015 में इसे नया रूप दिया गया।