RBI New Rules: बिना ग्राहक की मंजूरी नहीं बिकेंगे बीमा और म्यूचुअल फंड, RBI का बड़ा फैसला

Edited By Updated: 07 Jul, 2026 11:22 AM

insurance and mutual funds cannot be sold without customer consent

ग्राहकों को गलत तरीके से बीमा, म्यूचुअल फंड और अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट बेचने पर रोक लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए नियम जारी किए हैं। ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और बैंकों व एनबीएफसी के लिए ग्राहकों की स्पष्ट सहमति

बिजनेस डेस्कः ग्राहकों को गलत तरीके से बीमा, म्यूचुअल फंड और अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट बेचने पर रोक लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नए नियम जारी किए हैं। ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और बैंकों व एनबीएफसी के लिए ग्राहकों की स्पष्ट सहमति लेना अनिवार्य होगा। नए नियमों के तहत किसी भी ग्राहक को उसकी लिखित या डिजिटल मंजूरी के बिना कोई वित्तीय उत्पाद नहीं बेचा जा सकेगा। यदि एक ही फॉर्म में कई उत्पाद शामिल हैं, तो प्रत्येक उत्पाद के लिए अलग-अलग सहमति लेनी होगी, ताकि ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार निर्णय ले सके।

लोन के साथ बीमा खरीदने की बाध्यता खत्म

RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक या वित्तीय संस्थान अब लोन या अन्य बैंकिंग सेवाओं के बदले किसी खास बीमा, म्यूचुअल फंड या निवेश योजना को खरीदने के लिए ग्राहक पर दबाव नहीं बना सकेंगे। ग्राहक अपनी पसंद की किसी भी कंपनी का उत्पाद चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे।

ग्राहक की जरूरत के अनुसार ही होगी सलाह

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक और एनबीएफसी को किसी भी निवेश या बीमा उत्पाद की सलाह देने से पहले ग्राहक की आय, उम्र, वित्तीय स्थिति, निवेश उद्देश्य और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना होगा। ग्राहक की प्रोफाइल के अनुरूप न होने वाले उत्पाद की बिक्री को गलत माना जाएगा।

ऑनलाइन बिक्री के नियम भी सख्त

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाली बिक्री के लिए भी नए प्रावधान लागू किए गए हैं। अब वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर पहले से टिक किए गए विकल्प, भ्रामक पॉप-अप, छिपे हुए शुल्क या जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाने वाले डिजाइन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। ग्राहकों को किसी भी ऑफर को आसानी से अस्वीकार करने और जरूरत पड़ने पर उत्पाद रद्द करने की सुविधा मिलेगी।

मिस-सेलिंग साबित होने पर मिलेगा रिफंड

यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी ग्राहक को गलत जानकारी देकर या दबाव बनाकर वित्तीय उत्पाद बेचा गया है, तो संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को ग्राहक का पूरा पैसा लौटाना होगा। आवश्यकता पड़ने पर ग्राहक को हुए अतिरिक्त आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजा भी दिया जा सकता है।

30 दिनों के भीतर कर सकेंगे शिकायत

अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसके साथ गलत तरीके से कोई वित्तीय उत्पाद बेचा गया है, तो वह संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था में शिकायत दर्ज करा सकता है। जहां किसी नियामक द्वारा अलग समय-सीमा तय नहीं है, वहां ग्राहक 30 दिनों के भीतर शिकायत कर सकेगा। शिकायत मिलने के बाद बैंक को मामले की जांच करना अनिवार्य होगा।

ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने की पहल

RBI का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे बैंकों और एनबीएफसी को केवल बिक्री बढ़ाने के बजाय ग्राहकों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी होगी, जिससे मिस-सेलिंग के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।

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