Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Jul, 2026 05:24 PM

देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को झटका दिया है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बदलाव किया है। नई ब्याज दरें 7 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। बैंक ने
बिजनेस डेस्कः देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को झटका दिया है। बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में बदलाव किया है। नई ब्याज दरें 7 जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं। बैंक ने अलग-अलग अवधि के लिए MCLR में संशोधन किया है, जिससे कुछ होम लोन ग्राहकों की EMI या लोन अवधि प्रभावित हो सकती है।
नई MCLR दरें
बैंक ने ओवरनाइट एमसीएलआर को 5 बेसिस प्वाइंट (0.05%) घटाकर 8.10 फीसदी से 8.05 फीसदी कर दिया है। वहीं, 1 साल की MCLR को 5 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 8.40 फीसदी से 8.45 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा 3 साल की MCLR भी 8.65 फीसदी से बढ़कर 8.70 फीसदी हो गई है।हालांकि, 1 महीने, 3 महीने, 6 महीने और 2 साल की एमसीएलआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये दरें पहले की तरह क्रमश: 8.05 फीसदी, 8.20 फीसदी, 8.35 फीसदी और 8.55 फीसदी पर बनी हुई हैं। अब एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर दरें 8.05 फीसदी से 8.70 फीसदी के बीच हैं।
होम लोन पर क्या होगा असर?
अधिकांश फ्लोटिंग रेट होम लोन 1 वर्ष की MCLR से जुड़े होते हैं। ऐसे में जिन ग्राहकों का लोन इस बेंचमार्क से लिंक है, उनकी अगली ब्याज दर समीक्षा (रीसेट) के समय EMI या लोन की अवधि में मामूली बदलाव हो सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव प्रत्येक ग्राहक की लोन शर्तों और रीसेट डेट पर निर्भर करेगा।