Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Mar, 2026 11:25 AM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच देश में रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ने लगी है। कई जगह उपभोक्ताओं को डर है कि कहीं गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित न हो जाए। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह...
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच देश में रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ने लगी है। कई जगह उपभोक्ताओं को डर है कि कहीं गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित न हो जाए। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और आम उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकार के मुताबिक घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
बुकिंग के बीच समय बढ़ाया गया
LPG सिलेंडर की बुकिंग के बीच का समय फिलहाल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है जबकि ग्रामीण ग्राहकों के लिए यह अंतराल 45 दिन कर दिया गया है। इस बीच कुछ जगहों से शिकायतें भी सामने आई हैं कि कुछ गैस डीलर सिलेंडर की डिलीवरी में देरी कर रहे हैं या अतिरिक्त पैसे मांग रहे हैं।
अगर सिलेंडर बुक करने के बावजूद समय पर डिलीवरी नहीं मिलती है या डीलर मनमानी करता है, तो उपभोक्ता सीधे गैस कंपनी की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
LPG कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर
HP Gas के ग्राहक शिकायत के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
- 9493602222 (HP Anytime LPG)
Bharat Gas के उपभोक्ता इन नंबरों पर शिकायत या जानकारी ले सकते हैं:
- 1800-22-4344 (टोल फ्री)
- 7715012345 (LPG बुकिंग)
Indane Gas के ग्राहकों के लिए नंबर इस प्रकार हैं:
- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
- 7718955555 (बुकिंग और शिकायत)
सरकार की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस की कमी की अफवाहों से घबराकर जल्दबाजी में सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय का कहना है कि देश में घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त LPG भंडार मौजूद है।
इसके अलावा एहतियात के तौर पर रिफाइनरी कंपनियों ने LPG उत्पादन में करीब 25% तक बढ़ोतरी की है। सरकार ने यह भी कहा कि अगर Strait of Hormuz के जरिए होने वाली सप्लाई प्रभावित होती है, तो भारत ने दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदने के विकल्प पहले से तैयार कर रखे हैं, ताकि ऊर्जा आपूर्ति पर कोई बड़ा असर न पड़े।