Gold Price Prediction: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की आशंका, 20% तक गिर सकते हैं भाव

Edited By Updated: 08 May, 2026 05:01 PM

major feared in gold prices rates could fall by up to 20

मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान संबंधों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और डॉलर की चाल पर टिकी हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC)...

Gold Price Prediction: मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान संबंधों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और डॉलर की चाल पर टिकी हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, यदि वैश्विक तनाव कम होता है और अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में सोने की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।

हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है। माना जा रहा है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल और अन्य वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य हो सकती है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है, जिसका असर वैश्विक महंगाई पर भी पड़ सकता है।

फेडरल रिजर्व कर सकता है ब्याज दरों में कटौती 

विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई कम होने की स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। आमतौर पर कम ब्याज दरों के दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। हालांकि मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़े और डॉलर में मजबूती सोने की कीमतों पर दबाव बना सकते हैं।

सोने की कीमत

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,660 डॉलर से 4,742 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर रहा है। भारतीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 3.96 लाख रुपए से 4 लाख रुपए प्रति औंस के बीच बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

सोने की मांग रिकॉर्ड स्तर पर

2026 की पहली तिमाही में वैश्विक स्तर पर सोने की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। गोल्ड ETF में निवेश बढ़ने और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी ने कीमतों को सहारा दिया। हालांकि ऊंचे दामों के कारण आभूषणों की मांग में कुछ कमी देखी गई है।

वहीं, तुर्की, रूस और अजरबैजान जैसे देशों द्वारा बड़े पैमाने पर सोने की बिक्री ने भी बाजार का ध्यान खींचा है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम ही सोने की दिशा तय करेंगे।
 

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