Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Jun, 2026 03:48 PM

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाने के लिए एक बड़े फीचर पर काम कर रहा है। इस सुविधा के लागू होने के बाद PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे सभी UPI ऐप्स पर यूजर्स अपने सभी एक्टिव e-Mandates और AutoPay निर्देशों को एक ही...
बिजनेस डेस्कः भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाने के लिए एक बड़े फीचर पर काम कर रहा है। इस सुविधा के लागू होने के बाद PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे सभी UPI ऐप्स पर यूजर्स अपने सभी एक्टिव e-Mandates और AutoPay निर्देशों को एक ही स्थान पर देख सकेंगे।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के लिए अपने पीरियोडिक पेमेंट्स (मंथली सब्सक्रिप्शन, बिल, EMI आदि) को ट्रैक करना और उन्हें मैनेज करना बेहद आसान बनाना है। डिजिटल पेमेंट कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, NPCI एक ऐसा एप्लिकेशन इंटरफेस (API) तैयार कर रहा है जिसे सभी यूपीआई ऐप्स के लिए खोल दिया जाएगा।
इस फीचर के लाइव होने के बाद आप चाहे जिस भी यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करते हों, आपको अपने सभी एक्टिव ऑटो-पे और मैंडेट की लिस्ट एक ही जगह दिख जाएगी।
हालांकि, किसी e-Mandate को रद्द करने या उसमें बदलाव करने के लिए यूजर को उसी ऐप पर जाना होगा, जहां से वह मैंडेट मूल रूप से बनाया गया था। अन्य ऐप केवल संबंधित प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए रीडायरेक्ट करेंगे।
UPI AutoPay का उपयोग तेजी से बढ़ा
यह नया फीचर ऐसे समय में आ रहा है जब देश में यूपीआई ऑटोपे का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में देश के टॉप 10 बैंकों ने करीब 1.6 अरब ई-मैंडेट ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 57.7 करोड़ थी यानी महज एक साल में इसमें लगभग तीन गुना की भारी बढ़त देखी गई है।
इन ट्रांजैक्शनों में सबसे अधिक उपयोग स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एयरटेल पेमेंट्स बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों का हो रहा है।
सफलता दर बढ़ाना अभी भी चुनौती
यूपीआई ऑटोपे के तेजी से बढ़ने के बावजूद ट्रांजैक्शन फेल होना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, SBI से जुड़े AutoPay ट्रांजैक्शनों में केवल लगभग 30% सफल होते हैं, जबकि शेष ट्रांजैक्शन अपर्याप्त बैलेंस या अन्य परिचालन कारणों से असफल हो जाते हैं।