Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Aug, 2026 05:42 PM

MDR on UPI payment: यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की अटकलों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बड़ा बयान दिया है। RBI गवर्नर ने कहा कि 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी
MDR on UPI payment: यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की अटकलों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बड़ा बयान दिया है। RBI गवर्नर ने कहा कि 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (MDR) पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल 'इंतजार करें और देखें' का रुख अपनाना उचित होगा। डिजिटल भुगतान से जुड़े कानूनों में सरकार के प्रस्तावित संशोधनों के बाद मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने की अटकलों के बीच उन्होंने यह बात कही।
क्या कहा मल्होत्रा ने
'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' व्यापारियों से लिया जाने वाला डिजिटल भुगतान शुल्क है। यह वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान प्रसंस्करण करने पर व्यापारी से बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता वसूलते हैं। मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद मल्होत्रा ने कहा कि डिजिटल भुगतान जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचा में निवेश जरूरी है और इसकी लागत किसी न किसी को उठानी होगी। इसके लिए दो विकल्प हैं।
- पहला, आम जनता कर के माध्यम से इसकी लागत उठाए।
- दूसरा, उपयोगकर्ता भुगतान मॉडल (यूजर पे) के तहत 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' लगाया जाए।
तेजी से बढ़ रहा UPI का उपयोग
मल्होत्रा ने कहा, ''फिलहाल सरकार डिजिटल भुगतान से जुड़े कानूनों में संशोधन ला रही है। हमारा ध्यान इस सार्वजनिक अवसंरचना को और मजबूत तथा अधिक दक्ष बनाने पर है। आगे क्या होगा, इसके लिए इंतजार करना होगा।'' देश में एमडीआर का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। बैंक और भुगतान उद्योग से जुड़े अन्य पक्ष इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने अब तक इस पर कोई फैसला नहीं किया है। वहीं यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) जैसे डिजिटल भुगतान मंच का उपयोग लगातार तेजी से बढ़ रहा है।
बाजार के कुछ जानकारों का मानना है कि भविष्य में व्यापारी और ग्राहक के बीच एक निश्चित सीमा से अधिक मूल्य के यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लागू किया जा सकता है, जबकि व्यक्तियों के बीच लेनदेन को इससे बाहर रखा जा सकता है।