Myntra पर 1,654 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश घोटाले का आरोप, ED ने दर्ज की शिकायत

Edited By Updated: 23 Jul, 2025 04:39 PM

myntra accused of rs 1 654 crore foreign investment scam

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने मिंत्रा डिज़ाइन्स प्राइवेट लिमिटेड, उससे जुड़ी कंपनियों और निदेशकों के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA), 1999 की धारा 16(3) के तहत गंभीर आरोपों में शिकायत दर्ज की है। ईडी ने ₹1,654.35...

बिजनेस डेस्कः प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने मिंत्रा डिज़ाइन्स प्राइवेट लिमिटेड, उससे जुड़ी कंपनियों और निदेशकों के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA), 1999 की धारा 16(3) के तहत गंभीर आरोपों में शिकायत दर्ज की है। ईडी ने ₹1,654.35 करोड़ के विदेशी निवेश के गलत इस्तेमाल और एफडीआई नीति उल्लंघन के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

क्या है मामला?

ईडी के अनुसार, मिंत्रा ने "होलसेल कैश एंड कैरी" मॉडल दिखाकर विदेशी निवेश हासिल किया, जबकि वास्तव में वह मल्टी-ब्रांड रिटेल कारोबार (MBRT) कर रही थी, जो कि नियमों के विरुद्ध है। जांच में सामने आया कि मिंत्रा ने अपने सारे प्रोडक्ट्स अपनी ही ग्रुप कंपनी वेक्टर ई-कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड को बेचे, जिसने बाद में उन्हें रिटेल में आम ग्राहकों को बेचा।

कैसे हुआ नियमों का उल्लंघन?

एफडीआई नीति के तहत, एक होलसेल कंपनी केवल 25% तक ही अपने ग्रुप की किसी कंपनी को बिक्री कर सकती है। लेकिन मिंत्रा ने 100% उत्पाद अपनी ही ग्रुप कंपनी को बेचे — जो सीधे तौर पर FEMA की धारा 6(3)(b) और एफडीआई नीति (1 अप्रैल 2010 और 1 अक्टूबर 2010 संस्करण) का उल्लंघन है।

ईडी की कार्रवाई

इन आरोपों के आधार पर, ईडी ने FEMA की धारा 16(3) के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकारी के समक्ष शिकायत दायर की है। अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है।
 

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