Edited By Anu Malhotra,Updated: 14 Mar, 2026 12:06 PM

आज यानी 14 मार्च 2026 सोने और चांदी की चमक निवेशकों और जेवरात खरीदने वालों दोनों के लिए फीकी पड़ गई है। सोने का भाव 1.60 लाख रुपये के नीचे गिर गया, वहीं चांदी में भी भारी दबाव देखा गया। एमसीएक्स (MCX) पर शुक्रवार की क्लोजिंग के बाद ये दोनों कीमती...
नेशनल डेस्क: आज यानी 14 मार्च 2026 सोने और चांदी की चमक निवेशकों और जेवरात खरीदने वालों दोनों के लिए फीकी पड़ गई है। सोने का भाव 1.60 लाख रुपये के नीचे गिर गया, वहीं चांदी में भी भारी दबाव देखा गया। एमसीएक्स (MCX) पर शुक्रवार की क्लोजिंग के बाद ये दोनों कीमती धातुएं मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेड रिजर्व के सख्त रुख की वजह से गिरावट के दौर में हैं।
डॉलर की चमक के आगे फीका पड़ा पीला सोना
हैरानी की बात यह है कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और मिडिल ईस्ट में गिरती मिसाइलों के बावजूद सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना सुस्त पड़ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $5,050 के नाजुक स्तर को बचाने की जंग लड़ रहा है, तो वहीं चांदी में करीब 4% की बड़ी सेंध लगी है। बाजार के जानकारों का कहना है कि लोग इस वक्त सोने से ज्यादा अमेरिकी डॉलर पर भरोसा जता रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है।
दिल्ली से मुंबई तक भाव में राहत
घरेलू बाजार की बात करें तो दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,60,840 के करीब पहुंच गई है, जबकि मुंबई और कोलकाता में यह ₹1,60,690 के स्तर पर है। चेन्नई में भाव थोड़ा ऊपर ₹1,62,560 पर बना हुआ है। वहीं, चांदी की बात करें तो भारत में यह ₹275 प्रति ग्राम और ₹2.75 लाख प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेंड कर रही है।
क्यों हुआ ऐसा? गिरती कीमतों के पीछे का गणित
बाजार में आई इस गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं। पहला, कच्चे तेल की कीमतों का $100 के पार निकलना, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं। दूसरा, डॉलर इंडेक्स का बेहद मजबूत होना। और तीसरा, बड़े निवेशकों द्वारा अन्य घाटे की भरपाई के लिए सोने को बेचकर मुनाफा वसूलना।
एक्सपर्ट की सलाह: थोड़ा-थोड़ा खरीदना रहेगा फायदेमंद
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई 2% से 5% की यह कमी उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सलाह दी जा रही है कि एक साथ बड़ी रकम फंसाने के बजाय किश्तों में (SIP की तरह) खरीदारी करना ज्यादा समझदारी भरा फैसला होगा।