सुपर-रिच पर ज्यादा टैक्स की मांग, करीब 400 करोड़पति-अरबपतियों की अपील

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 12:18 PM

nearly 400 millionaires and billionaires call for higher taxes on super rich

दुनिया के 24 देशों के करीब 400 करोड़पति और अरबपतियों ने सुपर-रिच पर ज्यादा टैक्स लगाने की जोरदार मांग की है। इन अमीरों का कहना है कि बेहद अमीर वर्ग अपनी दौलत के दम पर राजनीतिक प्रभाव खरीद रहा है, जिससे लोकतंत्र, सामाजिक समानता और पर्यावरण तीनों खतरे...

बिजनेस डेस्कः दुनिया के 24 देशों के करीब 400 करोड़पति और अरबपतियों ने सुपर-रिच पर ज्यादा टैक्स लगाने की जोरदार मांग की है। इन अमीरों का कहना है कि बेहद अमीर वर्ग अपनी दौलत के दम पर राजनीतिक प्रभाव खरीद रहा है, जिससे लोकतंत्र, सामाजिक समानता और पर्यावरण तीनों खतरे में पड़ गए हैं।

यह खुला पत्र स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मौके पर जारी किया गया है। इसमें सम्मेलन में शामिल वैश्विक नेताओं से अमीरों और आम जनता के बीच बढ़ती खाई को पाटने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।

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अत्यधिक दौलत राजनीति को प्रदूषित कर रही है

इस पत्र पर हॉलीवुड अभिनेता व फिल्ममेकर मार्क रफालो, मशहूर संगीतकार ब्रायन इनो और फिल्म प्रोड्यूसर व समाजसेवी एबिगेल डिज्नी जैसे नामचीन लोगों के हस्ताक्षर हैं।

पत्र में कहा गया है कि अत्यधिक दौलत राजनीति को दूषित कर रही है, सामाजिक बहिष्कार को बढ़ावा दे रही है और जलवायु संकट को और गंभीर बना रही है। पत्र के मुताबिक, “कुछ गिने-चुने वैश्विक ओलिगार्क अपनी अथाह संपत्ति के बल पर लोकतंत्र को खरीद रहे हैं, सरकारों पर कब्जा कर रहे हैं, मीडिया की आज़ादी को दबा रहे हैं और तकनीक व नवाचार को अपनी मुट्ठी में ले चुके हैं।”

समाज खाई के किनारे खड़ा

पत्र में चेतावनी दी गई है कि जब खुद करोड़पति यह मानने लगे हैं कि अत्यधिक दौलत ने बाकी समाज से सब कुछ छीन लिया है, तो यह संकेत है कि समाज खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है।

अमेरिका का सबसे अमीर मंत्रिमंडल

फोर्ब्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोबारा चुने जाने के बाद अमेरिकी इतिहास का सबसे अमीर मंत्रिमंडल बनाया। अगस्त 2025 तक इस कैबिनेट की कुल संपत्ति करीब 7.5 अरब डॉलर आंकी गई थी।

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सर्वे में बड़ा खुलासा

‘पैट्रियॉटिक मिलियनेयर्स’ नामक संगठन के लिए किए गए एक सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। G20 देशों के 77 फीसदी करोड़पतियों का मानना है कि बेहद अमीर लोग राजनीतिक प्रभाव खरीदते हैं।

3,900 करोड़पतियों पर किए गए इस सर्वे में यह भी सामने आया कि...

  • 60% लोगों का मानना है कि ट्रंप ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाया
  • 60% से ज्यादा लोगों ने अत्यधिक दौलत को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया
  • दो-तिहाई प्रतिभागियों ने सुपर-रिच पर ज्यादा टैक्स लगाने का समर्थन किया
  • सिर्फ 17 फीसदी लोग इसके विरोध में थे

अरबपतियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर

विकासशील देशों के लिए काम करने वाली संस्था ऑक्सफैम ने बताया कि पिछले साल रिकॉर्ड संख्या में नए अरबपति बने हैं। पहली बार दुनिया में अरबपतियों की संख्या 3,000 के पार पहुंच गई है।

ऑक्सफैम इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक अमिताभ बेहर ने कहा, “पिछले साल अरबपतियों की दौलत में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। दुनिया का सबसे अमीर 1 फीसदी वर्ग अब वैश्विक सार्वजनिक संपत्ति से तीन गुना ज्यादा संपत्ति का मालिक है।” उन्होंने कहा कि यह असमानता मानवता के लिए शर्मनाक है और सरकारों को अब तुरंत सुपर-रिच पर टैक्स लगाकर असमानता कम करने को प्राथमिकता देनी होगी।
 

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