कंपनियां करेंगी ज्यादा भर्तियां, मैनपावर सर्वे में बड़ा खुलासा

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 05:57 PM

companies will recruit more big revelation in manpower survey

मजबूत कारोबारी भरोसे और घरेलू मांग के दम पर भारतीय नियोक्ताओं ने इस साल की अप्रैल-जून तिमाही के लिए नियुक्तियों के इरादे में मजबूती दर्ज की है। मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। मैनपावरग्रुप के नवीनतम 'रोजगार परिदृश्य सर्वेक्षण' के

नई दिल्लीः मजबूत कारोबारी भरोसे और घरेलू मांग के दम पर भारतीय नियोक्ताओं ने इस साल की अप्रैल-जून तिमाही के लिए नियुक्तियों के इरादे में मजबूती दर्ज की है। मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। मैनपावरग्रुप के नवीनतम 'रोजगार परिदृश्य सर्वेक्षण' के अनुसार, साल 2026 की दूसरी तिमाही के लिए 'शुद्ध रोजगार परिदृश्य' (एनईओ) 68 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गया है। यह पिछली तिमाही से 17 अंक और पिछले साल की समान तिमाही से 24 अंक अधिक है। 

मैनपावरग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा कि ये आंकड़ा दोहरी वास्तविकता पेश करता है। एक तरफ नियुक्तियों का इरादा मजबूत है, वहीं दूसरी तरफ प्रतिभाओं की कमी भी बढ़ रही है। लगभग 82 प्रतिशत संगठनों ने अपनी जरूरत के अनुसार कौशल वाले लोग ढूंढने में कठिनाई की बात कही है। क्षेत्रवार प्रदर्शन में भारत में 'वित्त और बीमा' क्षेत्र 71 प्रतिशत के रोजगार परिदृश्य के साथ सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी बना हुआ है। इसके बाद संख्या के आधार पर वाहन, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं सूचना और प्रौद्योगिकी सेवाओं में सबसे ज्यादा नियुक्तियां होने का अनुमान है। 

देश के चारों क्षेत्रों के संगठनों ने आगामी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि का अनुमान जताया है। उत्तर भारत 70 के एनईओ के साथ सबसे आगे है, जबकि आतिथ्य क्षेत्र (31 प्रतिशत) ने इस तिमाही में नियुक्तियों के प्रति सबसे सतर्क रुख (यानी सबसे कम भर्तियां करने) के संकेत दिए हैं। सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि लगभग 87 प्रतिशत संगठन नियुक्तियों और प्रशिक्षण के लिए पहले से ही कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, 40 प्रतिशत नियोक्ताओं का मानना है कि एआई का सबसे अधिक लाभ प्रशिक्षण एवं विकास के क्षेत्र में मिल रहा है।  

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