Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Aug, 2026 01:54 PM

त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। लॉजिस्टिक्स कंपनी डेल्हीवेरी (Delhivery) ने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स के लिए शिपिंग चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 1 सितंबर 2026...
नई दिल्लीः त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। लॉजिस्टिक्स कंपनी डेल्हीवेरी (Delhivery) ने डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स के लिए शिपिंग चार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 1 सितंबर 2026 से लागू होंगी।
कंपनी की ओर से ग्राहकों को भेजे गए ईमेल के मुताबिक, अब हर एक्सप्रेस शिपमेंट पर 4 रुपए और हर सरफेस शिपमेंट पर 2 रुपए अतिरिक्त चार्ज देना होगा। शिपिंग लागत बढ़ने के बाद इसका असर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले प्रोडक्ट्स की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
500 ग्राम से ज्यादा के पार्सल पर बढ़ सकता है खर्च
D2C ब्रांड्स आमतौर पर अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं और बीच में थोक विक्रेता, वितरक या रिटेलर की भूमिका नहीं होती। Mamaearth, boAt और Wakefit जैसी कंपनियां इसी मॉडल पर काम करती हैं।
इन कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत में मामूली बढ़ोतरी भी अहम हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 500 ग्राम से अधिक वजन वाले पार्सल पर डिलीवरी लागत में करीब 5 से 10 फीसदी तक इजाफा होने का अनुमान है। अगर कंपनियां बढ़ी हुई शिपिंग लागत का बोझ खुद उठाने के बजाय ग्राहकों पर डालती हैं, तो प्रोडक्ट की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
क्यों बढ़ाए गए शिपिंग चार्ज?
Delhivery ने दरों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए हैं। कंपनी के अनुसार, एविएशन फ्यूल की बढ़ती कीमतों, ग्राउंड स्टाफ की लागत और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर बढ़ते महंगाई के दबाव के चलते शिपिंग चार्ज बढ़ाना जरूरी हो गया है। यह नया सरचार्ज मौजूदा डिलीवरी रेट के ऊपर लगाया जाएगा। पहले से तय डिलीवरी फीस पार्सल के वजन और डिलीवरी की दूरी के आधार पर निर्धारित होती है।
इस बार दिवाली से पहले ही बढ़ा दी गई फीस
इस फैसले ने D2C कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर त्योहारी सीजन में, खासकर दिवाली के आसपास लॉजिस्टिक्स कंपनियां अपनी दरों में बदलाव करती हैं लेकिन इस बार Delhivery ने सितंबर की शुरुआत से ही अतिरिक्त चार्ज लागू करने का फैसला किया है।
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन ऑर्डर बढ़ने की उम्मीद रहती है। ऐसे में शिपिंग लागत बढ़ने से ई-कॉमर्स और D2C कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
Amazon और Flipkart भी बढ़ा चुके हैं फीस
Delhivery से पहले Amazon और Flipkart की ओर से भी कुछ शुल्कों में बढ़ोतरी की जा चुकी है। Amazon ने कैंसिलेशन चार्ज को ऑर्डर वैल्यू के 2 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी तक किया है। इसके अलावा क्लोजिंग फीस में भी 1 से 3 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, Flipkart ने डिस्पैच में देरी और कैंसिलेशन से जुड़े मामलों में 30 से 90 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया है।
ऐसे में त्योहारी सीजन से पहले लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स लागत में हो रही बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में ऑनलाइन शॉपिंग के बिल पर दिखाई दे सकता है।