Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Jun, 2026 02:51 PM

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह कर्मचारियों के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर रहा है। अमेरिकी टेक दिग्गज ओरेकल इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान...
बिजनेस डेस्कः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह कर्मचारियों के लिए नई चुनौतियां भी खड़ी कर रहा है। अमेरिकी टेक दिग्गज ओरेकल इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान दुनिया भर में करीब 21,000 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है।
13% घटी कर्मचारियों की संख्या
कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मई 2026 तक ओरेकल में कर्मचारियों की संख्या घटकर 1.41 लाख रह गई, जबकि एक साल पहले यह करीब 1.62 लाख थी। यानी कंपनी की कुल वर्कफोर्स में लगभग 13% की कमी दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि AI तकनीकों के इस्तेमाल से कई प्रक्रियाएं ऑटोमेट हो रही हैं, जिससे कर्मचारियों की जरूरत कम हो रही है। ओरेकल के अनुसार प्रबंधन में बदलाव, नए प्रोडक्शन, प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे और रणनीतिक पुनर्गठन भी छंटनी के मुख्य कारण रहे हैं।
AI और क्लाउड बिजनेस पर फोकस
Oracle अब केवल डेटाबेस सॉफ्टवेयर कंपनी नहीं रहना चाहती। कंपनी के चेयरमैन लैरी एलिसन के नेतृत्व में ओरेकल तेजी से AI और क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र में विस्तार कर रही है। कंपनी OpenAI जैसे ग्राहकों के लिए बड़े-बड़े AI डेटा सेंटर बना रही है। इसके जरिए Oracle सीधे तौर पर अमेज़ॅन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों को चुनौती देना चाहती है।
70 अरब डॉलर के निवेश की योजना
ओरेकल ने चालू वित्त वर्ष में करीब 70 अरब डॉलर का कैपिटल निवेश की योजना बनाई है। इस निवेश के लिए कंपनी करीब 40 अरब डॉलर एक्स्ट्रा कर्ज और इक्विटी के जरिए जुटाने की तैयारी कर रही है। हालांकि AI की यह दौड़ कंपनी के लिए काफी महंगी साबित हो रही है। वित्त वर्ष 2026 में ओरेकल ने कर्मचारियों की छंटनी और पुनर्गठन पर 1.84 अरब डॉलर खर्च किए, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले कई गुना अधिक हैं।