Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Sep, 2026 06:13 PM

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को बाजार नियामक सेबी से करीब 30,000 करोड़ रुपए का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की मंजूरी मिल गई है। यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है। भारतीय प्रतिभूति
नई दिल्लीः नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को बाजार नियामक सेबी से करीब 30,000 करोड़ रुपए का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की मंजूरी मिल गई है। यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक हो सकता है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एनएसई को चार सितंबर को सेबी की अंतिम टिप्पणियां मिल गईं। इसके बाद कंपनी लागू नियामकीय शर्तों के अधीन सार्वजनिक निर्गम की तैयारियां आगे बढ़ा सकती है। एनएसई ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए जून में सेबी के पास मसौदा दस्तावेज दाखिल किए थे।
मसौदा दस्तावेजों के अनुसार, एनएसई का सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। इसमें 14.89 करोड़ शेयर शामिल हैं और मौजूदा शेयरधारक सामूहिक रूप से एनएसई में अपनी करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे। एनएसई के प्रमुख शेयरधारकों में भारतीय स्टेट बैंक 2.48 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयर बेचेगी।
मामले से परिचित सूत्रों का कहना है कि इस आईपीओ का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपए हो सकता है। इससे एनएसई का बाजार पूंजीकरण पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है। ऐसा होने पर एनएसई का बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम अक्टूबर, 2024 में आए हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपए के आईपीओ को पीछे छोड़ देगा।