Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Mar, 2026 04:47 PM

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय National Statistical Office (एनएसओ) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21% पर पहुंच गई है। जनवरी 2026 में यह 2.75% थी।
बिजनेस डेस्कः राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय National Statistical Office (एनएसओ) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.21% पर पहुंच गई है। जनवरी 2026 में यह 2.75% थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार खाने-पीने की चीजों, कपड़ों और हाउसिंग-यूटिलिटी सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण Consumer Price Index (CPI) आधारित खुदरा महंगाई में इजाफा दर्ज किया गया है। हालांकि महंगाई अभी भी केंद्रीय बैंक के तय दायरे के भीतर बनी हुई है।
अप्रैल में होगी अहम बैठक
महंगाई के ताजा आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली बैठक अप्रैल की शुरुआत में होने वाली है। पिछले सात महीनों में से छह महीनों तक खुदरा महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% से 6% के लक्ष्य दायरे के निचले स्तर के करीब रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल व गैस की संभावित कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए रिजर्व बैंक अपनी अगली बैठक में नीतिगत दरों में बड़ा बदलाव करने से बच सकता है।
अभी नियंत्रण में है महंगाई
CPI में खाद्य वस्तुओं का बड़ा हिस्सा होता है। जून 2025 के बाद से खाने-पीने की चीजों की महंगाई में गिरावट देखने को मिली है और कई महीनों तक यह नकारात्मक स्तर पर रही। इसके चलते कुल खुदरा महंगाई में भी तेजी से गिरावट आई थी।
अक्टूबर 2025 में खुदरा महंगाई दर 0.25% के निचले स्तर तक पहुंच गई थी, जबकि खाद्य महंगाई लगभग -5.02% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर दर्ज की गई थी। हालांकि फरवरी के ताजा आंकड़े बताते हैं कि कुछ श्रेणियों में कीमतें बढ़ने से महंगाई में हल्की तेजी आई है।