Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 May, 2026 05:07 PM

अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाने के तेल, खासकर पाम ऑयल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। बायोफ्यूल की बढ़ती मांग और मजबूत ग्लोबल संकेतों के चलते मलेशियाई बाजार में पाम ऑयल के दाम दो हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। फिलहाल इसकी...
बिजनेस डेस्कः अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाने के तेल, खासकर पाम ऑयल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। बायोफ्यूल की बढ़ती मांग और मजबूत ग्लोबल संकेतों के चलते मलेशियाई बाजार में पाम ऑयल के दाम दो हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। फिलहाल इसकी कीमत 4,600 रिंग्गित प्रति टन के पार निकल चुकी है।
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप की बायोफ्यूल नीतियों के कारण वेजिटेबल ऑयल की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि जून महीने में भी कीमतों में बड़ी नरमी की उम्मीद कम नजर आ रही है।
उत्पादन और सप्लाई का असर
मलेशिया और इंडोनेशिया वैश्विक पाम ऑयल सप्लाई के सबसे बड़े केंद्र माने जाते हैं। अप्रैल में पाम ऑयल की कीमतें 4,800 रिंग्गित प्रति टन तक पहुंच गई थीं। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट आई लेकिन निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी ने बाजार को फिर सहारा दिया।
मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (MPOB) के अनुसार, जून में कच्चे पाम ऑयल की कीमतें औसतन 4,400 रिंग्गित प्रति टन के आसपास रह सकती हैं। मार्च से अक्टूबर का समय पाम ऑयल उत्पादन के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, जिससे सप्लाई में कुछ बढ़ोतरी भी देखने को मिल रही है।
सोयाबीन तेल महंगा, पाम ऑयल को फायदा
अमेरिका और यूरोप में बायोफ्यूल सेक्टर की मांग बढ़ने से सोयाबीन तेल की कीमतें नवंबर 2022 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे पाम ऑयल अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपेक्षाकृत सस्ता और प्रतिस्पर्धी विकल्प बनकर उभरा है।
- सोयाबीन तेल, रेपसीड तेल से लगभग 145 डॉलर प्रति टन महंगा है
- पाम ऑयल के मुकाबले इसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति टन अधिक बनी हुई है
- सूरजमुखी तेल से भी सोयाबीन तेल करीब 45 डॉलर प्रति टन महंगा है
भारतीय बाजार के लिए राहत
भारतीय आयातकों और उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि पाम ऑयल अभी भी सबसे किफायती वेजिटेबल ऑयल बना हुआ है। मलेशिया से आने वाला पाम ओलिन, अर्जेंटीना के सोयाबीन तेल से सस्ता पड़ रहा है, जिसके चलते भारतीय खरीदार पाम ऑयल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 2026 के शुरुआती चार महीनों में मलेशिया का पाम ऑयल निर्यात 25.5% बढ़कर 5.38 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो 2019 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।