Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Jan, 2026 06:16 PM

अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के बाद भारतीय तेल कंपनियों ने रणनीति बदलनी शुरू कर दी है। रूस से आयात घटाया जा रहा है और तेजी से नए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश की जा रही है। इसी कड़ी में भारत ने करीब दो साल बाद...
बिजनेस डेस्कः अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के बाद भारतीय तेल कंपनियों ने रणनीति बदलनी शुरू कर दी है। रूस से आयात घटाया जा रहा है और तेजी से नए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश की जा रही है। इसी कड़ी में भारत ने करीब दो साल बाद गुयाना से कच्चे तेल का पहला शिपमेंट हासिल किया है। साथ ही जनवरी में सऊदी अरब से तेल आयात में करीब एक तिहाई की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल रियल-टाइम डेटा और एनालिटिक्स प्रोवाइडर केप्लर के आंकड़े बताते हैं कि जनवरी के पहले पखवाड़े में भारतीय रिफाइनरियों ने गुयाना से रोजाना करीब 2.97 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा। गुयाना तेजी से एक उभरता हुआ वैश्विक तेल उत्पादक बन रहा है, जहां बड़े तेल भंडार मिलने के बाद उत्पादन में तेज इजाफा हुआ है। हालांकि लंबी शिपिंग दूरी के चलते अब तक यह भारत के लिए प्राथमिक स्रोत नहीं रहा है।
रूस की कटौती, नए विकल्पों पर फोकस
रूस से आपूर्ति में कमी आने के बाद भारतीय रिफाइनरियां अब गुयाना को एक अहम विकल्प के तौर पर देख रही हैं। इसके साथ ही देश में तेल की मजबूत मांग को देखते हुए पश्चिम एशिया और अफ्रीका से आयात भी बढ़ाया गया है। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और आयातक देश है, अपनी सप्लाई चेन को विविध बनाने की कोशिश में जुटा है।
हालांकि रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर बना हुआ है। जनवरी के पहले पखवाड़े में रूस से रोजाना करीब 11.79 लाख बैरल तेल आया, जो पिछले महीने से लगभग 3% कम है और 2025 के औसत से करीब 30% नीचे है।
पश्चिम एशिया और अफ्रीका से बढ़ी सप्लाई
केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, इराक से तेल आयात 18% बढ़कर रोजाना करीब 10.71 लाख बैरल हो गया, जबकि सऊदी अरब से आयात 36% उछलकर लगभग 9.54 लाख बैरल तक पहुंच गया।
अफ्रीकी देशों से भी सप्लाई में तेज इजाफा हुआ है। नाइजीरिया से आयात लगभग दोगुना होकर 3.05 लाख बैरल रोजाना हो गया, वहीं अंगोला से आयात करीब तीन गुना बढ़कर 1.95 लाख बैरल तक पहुंच गया।
यूएई से गिरावट, अमेरिका स्थिर
इसके उलट संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आयात में 40% की गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर करीब 3.52 लाख बैरल रह गया। अमेरिका से शिपमेंट जनवरी के पहले पखवाड़े में लगभग स्थिर रहा और यह करीब 3.49 लाख बैरल प्रतिदिन पर टिका रहा।