EPF खातों में ₹9,330 करोड़ की अनक्लेम्ड राशि, 30.91 लाख खाते निष्क्रिय

Edited By Updated: 03 Jul, 2026 03:17 PM

shocking report reveals 9 330 crore still unclaimed in epf accounts

देशभर में करोड़ों कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स अभी भी अनक्लेम्ड पड़ी हुई हैं। RTI के जरिए सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, करीब 30.91 लाख निष्क्रिय (inoperative) EPF खातों में ₹9,330 करोड़ से अधिक की राशि अब तक बिना क्लेम के पड़ी है।

बिजनेस डेस्कः देशभर में करोड़ों कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स अभी भी अनक्लेम्ड पड़ी हुई हैं। RTI के जरिए सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, 30.91 लाख निष्क्रिय (inoperative) EPF खातों में ₹9,330 करोड़ से अधिक की राशि अब तक बिना क्लेम के पड़ी है।

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) Scheme, 2026 को अधिसूचित कर नई व्यवस्था लागू की है। यह नई योजना 29 जून से प्रभावी हुई है और इसका उद्देश्य पीएफ सिस्टम को और सरल, डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। इसने 1952 की पुरानी EPF योजना की जगह ली है।

EPFO के ताजा आंकड़े

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अनुसार 31 मार्च 2026 तक देश में 30,91,862 निष्क्रिय EPF खाते थे, जिनमें कुल ₹9,330 करोड़ की राशि पड़ी हुई थी। पिछले एक साल में इनमें मामूली गिरावट जरूर आई है लेकिन बड़ी मात्रा में पैसा अभी भी अनक्लेम्ड है। 

पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इन खातों की संख्या में लगभग 92,000 की कमी आई है। वहीं अनक्लेम्ड राशि में भी ₹851 करोड़ की गिरावट दर्ज की गई है, जो 10,181 करोड़ रुपए से घटकर 9,330 करोड़ रुपए रह गई। इसके बावजूद लाखों खातों में हजारों करोड़ रुपए अभी भी वर्षों से बिना दावे के पड़े हैं।

कितनी बड़ी है यह रकम?

  • ₹9,330 करोड़ की यह राशि इतनी बड़ी है कि इससे कई बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स पूरे किए जा सकते हैं।
  • यह रकम लगभग UDAN योजना के खर्च के बराबर है।
  • आयुष्मान भारत–PM-JAY जैसी बड़ी योजना के बजट के करीब है।
  • अनुमान के अनुसार, इस राशि से 3 IIT बनाए जा सकते हैं और फिर भी करीब ₹500 करोड़ बच सकते हैं।

RTI में कई जानकारियां नहीं दी गईं

RTI में कई अहम जानकारियां नहीं दी गईं। EPFO ने बताया कि पिछले वर्षों का विस्तृत डेटा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि Inoperative Accounts Cell की स्थापना 2025-26 में हुई है।

इसके अलावा, आधार से जुड़े निष्क्रिय खातों और ऑटो-सेटलमेंट से जुड़ी जानकारी भी RTI के तहत साझा नहीं की गई। EPFO ने इसे गोपनीयता (fiduciary relationship) के तहत देने से इनकार कर दिया। 

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