कच्चे तेल में नरमी, आईटी शेयरों में लिवाली से बाजार में दूसरे दिन तेजी; सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा

Edited By Updated: 02 Jul, 2026 03:33 PM

stock market surges nifty closes above 24 170

गुरुवार को शेयर बाजार दिनभर हरे निशान पर रहा। अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में बातचीत पूरी होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ। सेंसेक्स 579.48 अंक की तेजी के साथ 77,502.12 पर आ गया। निफ्टी में भी...

मुंबईः स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन तेजी जारी रही और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। कच्चे तेल के दाम में गिरावट, वैश्विक स्तर पर सकारात्मक घटनाक्रम और आईटी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बीएसई सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 170 अंक की तेजी रही।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 656.29 अंक चढ़कर 77,578.93 अंक पर पहुंच गया था। एनएसई निफ्टी 169.85 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,175.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस 5.64 प्रतिशत चढ़ा।

इसके बाद क्रमश: टेक महिंद्रा (4.32 प्रतिशत), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (4.28 प्रतिशत) और एचसीएल टेक (4.12 प्रतिशत) का स्थान रहा। बजाज फिनसर्व, अडानी पोर्ट्स, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक में प्रमुख रूप से तेजी रही। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में लार्सन एंड टुब्रो, मारुति सुजुकी इंडिया, एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.45 प्रतिशत टूटकर 70.53 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। भारत और जापान ने बृहस्पतिवार को आर्थिक साझेदारी रूपरेखा और सैन्य उपकरणों को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिए रक्षा समझौते समेत कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद इन कदमों की घोषणा की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए जिनमें आर्थिक सुरक्षा पर घोषणा, कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक संयुक्त वक्तव्य और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में सहयोग को मजबूत करने को लेकर समझौता शामिल है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ''वैश्विक बाजार में दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा...। ऊर्जा की कीमतों में कमी और एआई, रक्षा प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-जापान के नए समझौतों ने घरेलू बाजार में उत्साह बनाए रखने में मदद की।'' उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों की बिकवाली तेज रही। इसका कारण पूरे एशिया में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।

एआई को लेकर चिंता से दक्षिण कोरियाई शेयरों में आठ प्रतिशत की गिरावट आई। यह आशंका फिर से पैदा हुई है कि इस साल एआई शेयरों में आई बड़ी तेजी शायद बहुत अधिक और बहुत जल्दी हुई है। इस बीच, देश में यात्रियों गाड़ियों की बिक्री जून में लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर करीब चार लाख इकाई होने का अनुमान है। वाहन बिक्री के मामले में मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स पीवी और महिंद्रा एंड महिंद्रा सबसे आगे रहीं। एशियाई के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक नुकसान में रहे जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। बुधवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें नीचे आईं। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख की उदार टिप्पणियों ने महंगाई कम होने और वैश्विक नीतिगत दर का माहौल अनुकूल रहने की उम्मीदों को मजबूत किया है।'' शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,140.50 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। सेंसेक्स बुधवार को 443.97 अंक चढ़कर 76,922.64 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 140.10 अंक की तेजी के साथ 24,005.85 अंक पर रहा था। 

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