बैडमिंटन में हुआ बड़ा बदलाव, भारत में अब 3x15 स्कोरिंग सिस्टम से होंगे मैच, BAI ने किया ऐलान

Edited By Updated: 03 Jul, 2026 09:11 PM

major change in badminton matches in india will now follow the 3x15 scoring

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने घरेलू टूर्नामेंटों में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के नए 3x15 स्कोरिंग सिस्टम को लागू करने का फैसला किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह नियम जनवरी 2027 से लागू होना है, लेकिन भारत इसे पहले ही अपनाने जा रहा है...

नेशनल डेस्क : बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने घरेलू टूर्नामेंटों में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के नए 3x15 स्कोरिंग सिस्टम को लागू करने का फैसला किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह नियम जनवरी 2027 से लागू होना है, लेकिन भारत इसे पहले ही अपनाने जा रहा है ताकि खिलाड़ी नए फॉर्मेट के लिए तैयार हो सकें। नए स्कोरिंग सिस्टम का पहली बार इस्तेमाल 7 से 14 जुलाई 2026 तक एर्नाकुलम में होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट में किया जाएगा।

भारत ने पहले क्यों लागू किया नया नियम?

BAI का कहना है कि इस फैसले का मकसद खिलाड़ियों, कोचों और तकनीकी अधिकारियों को नए नियमों के हिसाब से पहले से तैयार करना है। इससे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में नया सिस्टम लागू होने पर खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। BAI के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों को नए स्कोरिंग सिस्टम की आदत डालने के लिए यह फैसला लिया गया है, ताकि भविष्य में बदलाव आसान हो सके।

क्या है नया 3x15 स्कोरिंग सिस्टम?

मैच पहले की तरह बेस्ट-ऑफ-थ्री और रैली-पॉइंट सिस्टम पर ही खेले जाएंगे, लेकिन स्कोरिंग के नियम बदल जाएंगे।

  • हर गेम अब 21 की जगह 15 अंकों का होगा।
  • 14-14 की बराबरी होने पर जीत के लिए 2 अंकों की बढ़त जरूरी होगी।
  • अगर स्कोर 20-20 तक पहुंच जाता है, तो 21वां अंक हासिल करने वाली टीम या खिलाड़ी गेम जीत जाएगा।
  • गेम के दौरान ब्रेक अब 11 की जगह 8 अंकों पर मिलेगा। गेम के बीच का 120 सेकंड का ब्रेक पहले की तरह रहेगा।

BWF ने क्यों बदले नियम?

BWF का कहना है कि लंबे समय तक समीक्षा और चर्चा के बाद यह बदलाव किया गया है। इसके पीछे तीन प्रमुख वजहें हैं।

1. मैच को ज्यादा तेज और रोमांचक बनाना
15 अंकों के गेम में शुरुआत से ही हर अंक अहम होगा। इससे खिलाड़ियों को पहले पॉइंट से ही आक्रामक खेल दिखाना होगा और मैच अधिक रोमांचक बनेंगे।

2. टीवी और प्रसारण के लिए बेहतर फॉर्मेट
छोटे मैचों से समय का बेहतर प्रबंधन होगा। इससे प्रसारण कंपनियों को तय समय में मुकाबले दिखाने में आसानी होगी और दर्शकों का अनुभव भी बेहतर होगा।

3. खिलाड़ियों पर कम शारीरिक दबाव
कम समय के मैच होने से खिलाड़ियों पर शारीरिक दबाव घटेगा। इससे चोटों का खतरा कम हो सकता है और खिलाड़ियों का करियर भी लंबा हो सकता है।

सभी आयु वर्ग में लागू होगा नियम

BAI के मुताबिक, नया 3x15 स्कोरिंग सिस्टम अंडर-11 से लेकर सीनियर और मास्टर्स राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सभी आयु वर्ग के घरेलू टूर्नामेंटों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले नए नियमों के अनुरूप तैयार करना है।

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