टेलिकॉम कंपनियां GST का फायदा कस्टमर्स को दें: सरकार

Edited By Updated: 27 May, 2017 03:51 PM

telecom companies give gst the benefits to customers

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने टेलिकॉम कंपनियों से जुलाई से लागू होने वाले गुड्स और सर्विसेस टैक्स (जी.एस.टी.) के अंतर्गत टैक्स रेट में कमी का

नई दिल्लीः फाइनेंस मिनिस्ट्री ने टेलिकॉम कंपनियों से जुलाई से लागू होने वाले गुड्स और सर्विसेस टैक्स (जी.एस.टी.) के अंतर्गत टैक्स रेट में कमी का फायदा कस्टमर्स देने के लिए कहा है। मिनिस्ट्री ने कहा कि जी.एस.टी. रेट को देखते हुए टेलिकॉम कंपनियों को कॉस्ट्स में बदलाव और कीमतों में कमी का फायदा आगे देना चाहिए। 1 जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी रेजीम में टेलिकॉम सर्विसेज पर 18 फीसदी टैक्‍स लगेगा। इसके तहत सर्विस प्रोवाइडर्स इनपुट टैक्स क्रेडिट (आई.टी.सी.) क्लेम कर सकते हैं, जिससे लेवी का प्रभावी असर काफी हद तक कम हो जाएगा।

मिनिस्ट्री ने कहा टेलिकॉम कंपनियों को अपनी कॉस्टिंग और क्रेडिट उपलब्धता पर फिर से काम करने व अपने प्राइस में बदलाव करने की जरूरत है। वे सुनिश्चित करें कि क्रेडिट की उपलब्धता बढ़ने का फायदा कॉस्ट में कमी के तौर पर कस्टमर्स को पास किया जाए। फिलहाल टेलिकॉम सर्विसेस पर 14 फीसदी सर्विस टैक्स के साथ स्वच्छ भारत सेस और कृषि कल्याण सेस 0.5 फीसदी लगता है। मिनिस्ट्री के बयान के अनुसार, इसके विपरीत टेलिकॉम सर्विसेज पर जीएसटी रेजीम में 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। यह शुद्ध रूप से वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) है, क्योंकि टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर द्वारा कारोबार के दौरान इस्तेमाल रॉ मैटेरियल पर पूर्ण रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध होगा।

बयान में कहा गया कि फिलहाल टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर न तो गुड्स पर दिए गए वैट और न ही इंपोर्टेड गुड्स उपकरणों पर स्पेशल एडिशनल ड्यूटी (एसएडी) के क्रेडिट के हकदार हैं। हालांकि जी.एस.टी. के तहत वे घरेलू स्तर पर खरीदे गए गुड्स के साथ इंपोर्टेड गुड्स पर किए गए आई.जी.एस.टी. भुगतान के एवज में क्रेडिट प्राप्त करेंगे। मिनिस्ट्री के अनुसार, कुछ अनुमान के तहत अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट टेलिकॉम इंडस्ट्री के कारोबार का 2 फीसदी होगा। 
 

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