Tata Group News: एन चंद्रशेखरन अगले 5 साल तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे, बोर्ड ने दी मंजूरी

Edited By Updated: 17 Sep, 2026 04:21 PM

the board of directors of tata sons has decided to reappoint chandrasekaran as c

टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा संस के निदेशक मंडल ने बृहस्पतिवार को एन चंद्रशेखरन को पांच साल के तीसरे कार्यकाल के लिए चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया। मामले से परिचित सूत्रों ने यह जानकारी दी। हालांकि चंद्रशेखरन ने कुछ सप्ताह पहले

मुंबईः टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा संस के निदेशक मंडल ने बृहस्पतिवार को एन चंद्रशेखरन को पांच साल के तीसरे कार्यकाल के लिए चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया। मामले से परिचित सूत्रों ने यह जानकारी दी। हालांकि चंद्रशेखरन ने कुछ सप्ताह पहले निदेशक मंडल से कहा था कि वह अपना दूसरा कार्यकाल पूरा होने के बाद चेयरमैन पद पर आगे बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। 

टाटा संस के चेयरमैन पद पर चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा पिछले सप्ताह टाटा संस के गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) पंजीकरण को समाप्त करने का आवेदन खारिज किए जाने के बाद आया है। उनकी नियुक्ति से कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना फिर से बन गई है। टाटा संस पिछले एक साल से अधिक समय से बाजार सूचीबद्धता से बचने का प्रयास कर रही थी। इस क्रम में कंपनी ने 21,000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज भी चुकाया है।

सूत्रों के मुताबिक, निदेशक मंडल के सदस्यों का मत है कि नेतृत्व में निरंतरता से संभावित निवेशकों को भरोसा मिलेगा, क्योंकि कंपनी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की दिशा में बढ़ने पर निवेशक प्रबंधन की निरंतरता को लेकर आश्वस्त होना चाहेंगे। निदेशक मंडल की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति 63-वर्षीय चंद्रशेखरन से अगस्त में बोर्ड को बताए गए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहेगी। यह फैसला आरबीआई के हाल के निर्णय से पहले और कंपनी के नियामकीय रास्ते को लेकर अलग परिस्थितियों में लिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया लेकिन प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया। 

नोएल टाटा की अगुवाई वाले टाटा ट्रस्ट और उससे संबद्ध ट्रस्टों के पास टाटा संस की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नोएल टाटा लंबे समय से टाटा संस की सूचीबद्धता के खिलाफ रहे हैं। वहीं, टाटा संस में करीब 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला शापूरजी पालोनजी समूह कंपनी की सूचीबद्धता के पक्ष में है। चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के फैसले के बाद सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट द्वारा पहले ही शुरू की जा चुकी चेयरमैन चयन प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा या फिर बंद कर दिया जाएगा। टाटा संस और टाटा ट्रस्ट ने निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। 

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