भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश इस साल 7% बढ़कर 10.3 अरब डॉलर पर

Edited By Updated: 24 Sep, 2026 04:47 PM

investment in indian technology sector rises 7 to 10 3 billion this year

जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़कर 10.3 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, निवेश सौदों की संख्या में 38 प्रतिशत की गिरावट आई और निवेश का रुझान बड़े आकार वाले सौदों की तरफ केंद्रित रहा।

नई दिल्लीः जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश सालाना आधार पर सात प्रतिशत बढ़कर 10.3 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, निवेश सौदों की संख्या में 38 प्रतिशत की गिरावट आई और निवेश का रुझान बड़े आकार वाले सौदों की तरफ केंद्रित रहा। आंकड़ा विश्लेषण मंच 'ट्रैक्सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक साल पहले की समान अवधि में 9.7 अरब डॉलर का निवेश आया था जबकि 2024 की इसी अवधि में 10 अरब डॉलर का निवेश हुआ था। 

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-सितंबर, 2026 में निवेश सौदों की संख्या घटकर 1,134 रह गई, जो एक साल पहले 1,838 थी। इससे संख्या में कम लेकिन बड़े आकार वाले सौदों की ओर निवेश के रुझान का संकेत मिलता है। रिपोर्ट में एक जनवरी से 21 सितंबर तक के शेयर आधारित वित्तपोषण आंकड़ों को शामिल किया गया है। इसके मुताबिक, भारत 10.3 अरब डॉलर के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे अधिक वित्तपोषण पाने के मामले में पांचवें स्थान पर बना रहा। अमेरिका 444 अरब डॉलर के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद चीन 32.5 अरब डॉलर, ब्रिटेन 21.9 अरब डॉलर और सिंगापुर 12.5 अरब डॉलर पर रहे। भारत, जर्मनी के 9.9 अरब डॉलर और फ्रांस के आठ अरब डॉलर से आगे रहा। 

निवेश के विभिन्न चरणों में शुरुआती चरण का वित्तपोषण 27 प्रतिशत बढ़कर 4.2 अरब डॉलर हो गया, जो 2025 की इसी अवधि में 3.3 अरब डॉलर था। बाद के चरण का वित्तपोषण भी चार प्रतिशत बढ़कर 5.4 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 5.2 अरब डॉलर था। वहीं, एकदम शुरुआती चरण का वित्तपोषण 37 प्रतिशत घटकर 69.8 करोड़ डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 1.1 अरब डॉलर था। पहली बार वित्तपोषण पाने वाली कंपनियों की संख्या 30 प्रतिशत घटकर 338 रह गई।

वहीं, 'सूनिकॉर्न' यानी यूनिकॉर्न बनने का संभावना वाली कंपनियों की संख्या 53 प्रतिशत घटकर 76 रह गई। जनवरी-सितंबर की अवधि में 10 करोड़ डॉलर या उससे अधिक के 18 बड़े वित्तपोषण सौदे हुए। इनमें एनएक्स्ट्रा का निजी इक्विटी दौर में एक अरब डॉलर जुटाना और नेयसा का सीरीज बी दौर में 60 करोड़ डॉलर जुटाना प्रमुख हैं। क्षेत्रवार, उद्यम बुनियादी ढांचे में निवेश लगभग पांच गुना बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गया, जो 2025 की इसी अवधि में 29.2 करोड़ डॉलर था। मूल्य के लिहाज से उद्यम अनुप्रयोग क्षेत्र में निवेश 49 प्रतिशत बढ़कर 3.5 अरब डॉलर हो गया। वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश 13 प्रतिशत बढ़कर 2.2 अरब डॉलर रहा। 

कृत्रिम मेधा (AI) बुनियादी ढांचा 1.2 अरब डॉलर निवेश के साथ एकल क्षेत्र के रूप में सबसे अधिक वित्तपोषण पाने वाला क्षेत्र रहा। इस अवधि में छह नई कंपनियां एक अरब डॉलर मूल्य वाली कंपनियां यानी यूनिकॉर्न बनीं। साल भर पहले की समान अवधि में चार कंपनियां यूनिकॉर्न बनी थीं।
 

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