Nifty touch 30,000 Soon: तेजी की रफ्तार बरकरार, ब्रोकरेज हाउस बोले— निफ्टी इस साल छू सकता है 30,000

Edited By Updated: 27 Nov, 2025 12:11 PM

the bullish momentum continues with brokerage firms predicting nifty

गुरुवार, 27 नवंबर को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इंटरेस्ट रेट कटौती की उम्मीदों, FII की मजबूत खरीदारी और ग्लोबल संकेतों के सहारे निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने नया ऑल-टाइम हाई छुआ। निफ्टी आज 26,306.95 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच...

बिजनेस डेस्कः गुरुवार, 27 नवंबर को भारतीय शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इंटरेस्ट रेट कटौती की उम्मीदों, FII की मजबूत खरीदारी और ग्लोबल संकेतों के सहारे निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने नया ऑल-टाइम हाई छुआ। निफ्टी आज 26,306.95 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो इसके 27 सितंबर 2024 के पिछले हाई 26,277.35 को पार कर गया। सेंसेक्स पहली बार 86,000 के पार पहुंचकर 86,026.18 के रिकॉर्ड स्तर तक गया।

JPMorgan और Macquarie का बड़ा अनुमान

बाजार की इस ऐतिहासिक तेजी के बीच ब्रोकरेज हाउस JPMorgan और Macquarie ने भारतीय शेयर बाजार के लिए और भी बुलिश अनुमान जारी किए हैं। दोनों का मानना है कि निफ्टी की रफ्तार आगे और तेज हो सकती है और इंडेक्स 30,000 के स्तर को भी छू सकता है। JPMorgan ने अनुमान जताया है कि निफ्टी इस साल के अंत तक 30,000 तक पहुंच सकता है, जबकि उसके बेस केस परिदृश्य के अनुसार 2026 के अंत तक भी निफ्टी का लक्ष्य 30,000 रखा गया है। 

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ब्रोकरेज के मुताबिक फिस्कल और मॉनेटरी पॉलिसी से मिलने वाला सपोर्ट, घरेलू मांग की रिकवरी और मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ बाजार को ऊपर ले जाने में मदद करेंगे। MSCI इंडिया की अर्निंग्स 2026 में 13% और 2027 में 14% रहने की संभावना जताई गई है। जेपी मॉर्गन का यह भी कहना है कि अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड संबंध मजबूत होने से बाजार में री-रेटिंग की गुंजाइश बढ़ रही है। हालांकि वैल्यूएशन महंगे जरूर हैं, लेकिन इमर्जिंग मार्केट्स के मुकाबले यह अंतर अब कम होकर लंबे समय के औसत से भी नीचे आ चुका है।

मैक्वायरी भी बाजार के लिए काफी आशावादी नजर आ रहा है। उसका कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर से निकल चुकी है और अब बाजार में तेज रफ्तार जारी रहने की संभावना है। बेहतर अर्निंग्स, मजबूत ग्रोथ प्रीमियम और कंज्यूमर खर्च की रिकवरी से बाजार को अतिरिक्त बढ़ावा मिल सकता है, जबकि विदेशी निवेशकों के प्रवाह से भी रैली को सपोर्ट मिलता रहेगा। ब्रोकरेज का अनुमान है कि इस साल के अंत तक निफ्टी 30,000 के लेवल को छू सकता है। 

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