UPI बदलने जा रहा नियम, क्रेडिट कार्ड कंपनियों की बढ़ेगी टेंशन!

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 01:08 PM

upi changing the rules increasing tension for credit card companies

भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने वाला है। जिस UPI ने देश को कैशलेस लेन-देन की आदत डलवाई, अब वही प्लेटफ़ॉर्म छोटे लोन के क्षेत्र में क्रांति लाने की तैयारी में है।

बिजनेस डेस्कः भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने वाला है। जिस UPI ने देश को कैशलेस लेन-देन की आदत डलवाई, अब वही प्लेटफ़ॉर्म छोटे लोन के क्षेत्र में क्रांति लाने की तैयारी में है।

सूत्रों के अनुसार, NPCI और बैंकों के बीच चल रही बातचीत अगर सफल होती है, तो आने वाले दिनों में UPI क्रेडिट लाइन से लिया गया लोन भी क्रेडिट कार्ड की तरह ग्रेसे पीरियड के साथ मिलेगा। इसका मतलब है कि तय अवधि तक भुगतान करने पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, जिससे क्रेडिट कार्ड कंपनियों की टेंशन बढ़ सकती है।

अब तक की चुनौती

अभी तक UPI क्रेडिट लाइन का सबसे बड़ा मुद्दा यही था कि जैसे ही कोई भुगतान करता, उसी दिन से ब्याज जुड़ना शुरू हो जाता था। उदाहरण के लिए, अगर आपके खाते में पैसे नहीं हैं और आपको अचानक 2,000–5,000 रुपए खर्च करने पड़ते हैं, तो UPI क्रेडिट लाइन से रकम मिलती थी लेकिन तुरंत ब्याज का डर रहता था। इसी वजह से लोग इस सुविधा का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते थे।

NPCI का नया प्लान

NPCI इस समस्या का समाधान कर रहा है। प्रस्ताव है कि क्रेडिट कार्ड की तरह UPI क्रेडिट लाइन में भी एक तय ग्रेसे पीरियड होगा। इसका मतलब साफ है: आज खर्च करें और बिल की तारीख से पहले भुगतान कर दें—बिना किसी अतिरिक्त चार्ज या ब्याज के।

किन लोगों के लिए राहत

यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार होगा जिनके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है या जिनका क्रेडिट स्कोर कार्ड के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता। आसान शर्तें, डिजिटल एक्सेस और छोटे अमाउंट का इंस्टेंट क्रेडिट इसे क्रेडिट कार्ड का मजबूत विकल्प बना सकता है।

बैंकों की शुरुआती पहल

कुछ बैंक पहले ही इस दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं।

  • येस बैंक: 45 दिनों की ब्याज-फ्री पीरियड वाली UPI क्रेडिट लाइन
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: 30 दिनों की ब्याज-फ्री सुविधा

इन प्रयोगों से स्पष्ट है कि बाजार इस मॉडल को लेकर गंभीर है।

आरबीआई की सोच

UPI क्रेडिट लाइन की अवधारणा पहली बार अप्रैल 2023 में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने पेश की थी और सितंबर 2023 में इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया। इसका उद्देश्य उन लोगों और छोटे कारोबारियों को आसान कर्ज देना था, जो पारंपरिक क्रेडिट सिस्टम से बाहर रहते हैं।

इस नए बदलाव के साथ, UPI न केवल भुगतान का माध्यम बनेगा, बल्कि छोटे लोन के लिए डिजिटल क्रेडिट विकल्प के रूप में भी उभर सकता है।

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