ईरान पर अमेरिका की सबसे तेज Air Strike की तैयारी, ब्रिटेन के मिलिट्री एयरबेस से उड़ान भरकर B-1 बॉम्बर्स ने किए हमले

Edited By Updated: 11 Mar, 2026 06:39 AM

america is preparing for its fastest air strike on iran

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरान पर अब तक के सबसे तीव्र हवाई हमलों की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को अमेरिकी B‑1 Lancer bomber विमानों ने ब्रिटेन के एक सैन्य एयरबेस से उड़ान भरी और ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

इंटरनेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरान पर अब तक के सबसे तीव्र हवाई हमलों की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को अमेरिकी B‑1 Lancer bomber विमानों ने ब्रिटेन के एक सैन्य एयरबेस से उड़ान भरी और ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

यह कार्रवाई उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुई जिसमें अमेरिकी रक्षा प्रमुख Pete Hegseth ने कहा था कि यह अभियान अब तक का “सबसे तीव्र और उग्र दिन” देखने वाला है।

अमेरिकी सेना ने शुरू किए लगातार हमले

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लगातार ऑपरेशन शुरू किए हैं। इन हमलों के बाद ईरान की राजधानी Tehran में रातभर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई इलाकों में लगातार बमबारी हुई और बिजली भी गुल हो गई। कुछ निवासियों के अनुसार, आधी रात के आसपास करीब आधे घंटे तक जमीन हिलती महसूस हुई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।

ब्रिटेन के एयरबेस के इस्तेमाल पर पहले थी हिचकिचाहट

अमेरिका ने इन हमलों के लिए ब्रिटेन के सैन्य एयरबेस का इस्तेमाल किया। शुरुआत में Keir Starmer की सरकार ने इस पर थोड़ी हिचकिचाहट दिखाई थी। हालांकि बाद में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े लक्ष्यों पर हमले के लिए किया जा सकता है, लेकिन युद्ध के अन्य लक्ष्यों के लिए नहीं।

इजराइल ने भी बढ़ाया दबाव

इसी बीच इजराइल भी ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस युद्ध का बड़ा उद्देश्य ईरान की मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाना है। उन्होंने कहा, “हम उनकी ताकत तोड़ रहे हैं और उनके ढांचे को कमजोर कर रहे हैं।”

ईरान ने दी कड़ी चेतावनी

दूसरी ओर ईरान के नेताओं ने पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने युद्धविराम की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया। वहीं वरिष्ठ नेता Ali Larijani ने सोशल मीडिया पर डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान किसी भी धमकी से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई ताकतें ईरान को खत्म करने में असफल रही हैं।

अमेरिका में भी युद्ध को लेकर मतभेद

हालांकि अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध को लेकर राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं। अमेरिकी सीनेटर Mark Kelly ने ट्रंप प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास स्पष्ट लक्ष्य, समयसीमा या युद्ध से बाहर निकलने की योजना नहीं दिखती। उन्होंने कहा कि अगर कोई स्पष्ट रणनीति नहीं होगी तो यह संघर्ष लंबे समय तक चल सकता है और इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!