पंजाब में इस बार महीना भर चलेगी सड़क सुरक्षा जागरूकता मुहिम : सुल्ताना

Edited By Updated: 18 Jan, 2021 08:04 PM

road safety awareness campaign will run for a month

परिवहन मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश किए जारी

चंडीगढ़, (रमनजीत): सड़क सुरक्षा के महत्व को समझते हुए इस बार सड़क सुरक्षा जागरूकता मुहिम एक सप्ताह की जगह एक महीना चलेगी। पंजाब भवन में एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता मुहिम का आगाज करते हुए परिवहन मंत्री रजिया सुल्ताना ने सड़कों को और ज्यादा सुरक्षित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हैल्मेट पहनने, वाहनों को गति सीमा में चलाने और सड़क नियमों का पालन करने के लिए लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। 
उन्होंने इस बात पर ङ्क्षचता जताई कि पंजाब में सड़क हादसों में होने वाली मौतों की दर राष्ट्रीय दर की अपेक्षा करीब दोगुनी है। उन्होंने अपील की कि कानून को सख्ती के साथ लागू करने की अपेक्षा वाहन चालकों को खुद सड़कीय नियमों का पालन करना चाहिए, क्योंकि ये लोगों की जिंदगी के साथ जुड़ा मसला है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन को समाजसेवी संस्थाओं की मदद लेनी चाहिए। 

 


इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी और सड़कों पर घूमते आवारा पशु भी सुरक्षित होंगे। परिवहन मंत्री ने सड़क सुरक्षा जागरूकता को एक लोक लहर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए। उन्होंने पुलिस विभाग, स्थानीय निकाय विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पी.डब्ल्यू.डी, पंजाब मंडी बोर्ड, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग, एस.डी.एम. और आर.टी.ए. आदि को 17 फरवरी तक चलने वाली सड़क सुरक्षा जागरूकता मुहिम के दौरान किए जाने वाले प्रमुख कार्यों से भी अवगत करवाया। इनमें ड्राइवरों के हैल्थ चैकअप कैंप लगाने, ड्राइवर टैस्ट ट्रैकों की चैकिंग, लोगों को सड़क नियमों से अवगत करवाने के लिए जागरूकता कैंप, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए सैमीनार या लैक्चर, ट्रैफिक और सड़कीय लाइटों की जांच आदि प्रमुख गतिविधियां हैं। 


ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने परिवहन मंत्री को बताया कि सड़क सुरक्षा उपायों को सही ढंग से लागू करने के लिए पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ से एकत्रित की गई 50 प्रतिशत कम्पाऊडिंग फीस/जुर्मानों को बदलकर एक गैर मियादी (नॉन-लैप्सएबल) रोड सेफ्टी फंड बनाया गया है। इस समय राज्य में सड़क सुरक्षा उपकरणों की खरीद और विभिन्न सड़क सुरक्षा उपाय करने के लिए 40.52 करोड़ रुपए का नॉन-लैप्सएबल रोड सुरक्षा फंड है। इस नॉन-लैप्सएबल रोड सेफ्टी फंड में से मुहैया करवाए गए फंडों से विभिन्न सड़क सुरक्षा उपकरणों जैसे कि ब्रैथ ऐनालाईजर, बैरीकेड्स, लेजर स्पीड गन, सी.सी.टी.वी. कैमरे, कार बॉडी कटर आदि खरीदने का फैसला लिया गया है। इन उपकरणों को इन्फोर्समैंट एजैंसियों को सप्लाई किया जाएगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा के मुद्दों को तेजी से सुलझाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ प्रभावशाली तालमेल बनाने के उद्देश्य से चीफ इंजीनियर सड़क एवं पुल विकास बोर्ड (पी.आर.बी.डी.बी.) को मुख्य इंजीनियर सड़क सुरक्षा नियुक्त किया गया है। पी.आर.बी.डी.बी. कई सड़कों की सुरक्षा के कार्य भी करेगी जैसे कि ब्लैक स्पॉट और अन्य कमजोर सड़क हिस्सों को सुधारने, पुलों की मुरम्मत करना, वॉटर कोर्सों और पहाड़ी सडक़ों पर पुल बनाना आदि प्रमुख हैं।


परिवहन मंत्री को बताया गया कि अब तक राष्ट्रीय राज मार्गों और राज मार्गों पर 391 ब्लैक स्पॉटों की पहचान की गई है, जिनमें से 32 ब्लैक स्पॉटों की जांच मुख्य इंजीनियर, पी.आर.बी.डी.बी. द्वारा की गई है और उनके सुधार के लिए फंड सड़क सुरक्षा फंड में से जारी किए जा रहे हैं।
इस मौके पर प्रमुख सचिव ट्रांसपोर्ट के. सिवा प्रसाद, डी.जी. (लीड एजैंसी) वैंकटरतनम, स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव हुस्न लाल, ट्रैफिक सलाहकार नवदीप असीजा, ट्रांसपोर्ट विभाग और संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फैंसिंग द्वारा जिलों के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, एस.एस.पी., आर.टी.ए. आदि ने शिरकत की।

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