Edited By ,Updated: 06 May, 2016 03:40 PM

इंटरनैश्नल योगा-डे पर मोदी के मैगा-शो के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के पास बजट नहीं है इसलिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से योगा दिवस के आयोजन के लिए बजट की पेशकश की है।
चंडीगढ़ : इंटरनैश्नल योगा-डे पर मोदी के मैगा-शो के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के पास बजट नहीं है इसलिए प्रशासन ने केंद्र सरकार से योगा दिवस के आयोजन के लिए बजट की पेशकश की है। आयोजन पर लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च होगी, इतना बजट यू.टी. प्रशासन के पास नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार से इसके लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि के लिए हरी झंडी दे दी है। इससे पहले आयुष मंत्रालय के सचिव अजीत एम सरन जब चंडीगढ़ आए थे तो उन्होंने साफ कहा था कि आयोजन का पूरा खर्च आयुष मंत्रालय ही उठाएगा। लेकिन अब बजट कम दिए जाने की बात सामने आ रही है।
बजट कम मिलने की बात ने यूटी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन के अधिकारी अब इसी गुणा-भाग में जुटे हैं कि बाकी की धनराशि कहां से जुटेगी। प्रशासन को इस बार बजट भी कम मिला है। जिसमें से इस कार्यक्रम के लिए खर्च निकालना मुश्किल है। यही कारण है कि 3 करोड़ रुपये जुटाने के लिए प्रशासन स्पांसर ढूंढने में जुट गया है। एक सेल्युलर कंपनी से भी इसके लिए संपर्क किया गया है। केंद्र सरकार से जो बजट मिलेगा वह आयोजन स्थल की तैयारियों पर खर्च होगा। योग दिवस पर पहुंचने वाले हर वालंटियर को टीशर्ट और ट्राउजर भी दिया जाना है। इसके लिए एक किट भी दी जाएगी। यह खर्च प्रशासन को ही उठाना होगा। जिसके बाद प्रशासन खुद ही बजट वहन करने की तैयारी करने लगा है।
मालूम हो कि दिल्ली में हुए पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 36 हजार लोग जुटे थे। इस कार्यक्रम के आयोजन पर करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये का खर्च आया था।