Edited By Radhika,Updated: 02 Apr, 2026 06:42 PM

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर उपजे विवाद को खत्म करने के लिए ब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर ने एक बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (Hormuz Summit) बुलाई है। इस पहल में ब्रिटेन ने भारत को एक प्रमुख साझीदार के रूप में...
नेशनल डेस्क: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर उपजे विवाद को खत्म करने के लिए ब्रिटिश पीएम कीर स्टॉर्मर ने Hormuz Summit बुलाई है। इस पहल में ब्रिटेन ने भारत को एक प्रमुख साझीदार के रूप में बुलाया गया है।
भारत की भागीदारी और विदेश मंत्रालय का बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी वर्चुअल माध्यम से हिस्सा ले रहे हैं। इस समिट में भारत के अलावा दुनिया के लगभग 35 प्रभावशाली देश शामिल हो रहे हैं, जिनका उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
क्यों बंद हुआ होर्मुज का रास्ता?
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की सेना (IRGC) ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग पर नियंत्रण कर लिया है या इसे आंशिक रूप से बंद कर दिया है। इस मार्ग के बंद होने से भारत, चीन, जापान, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे एशियाई देशों की कच्चा तेल और डीजल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। युद्ध के चलते दुनिया का यह सबसे व्यस्त तेल मार्ग लगभग ठप पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ गई है।