गुजरात में दक्षिणी कमान का रक्षा अभ्यास और जनकल्याण अभियान

Edited By Updated: 08 Feb, 2026 09:31 PM

southern command massive defence exercise reviewed by lt gen dheeraj seth

दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने गुजरात में व्यापक परिचालन समीक्षा की। इस दौरान क्रीक और कच्छ सेक्टर में सुरक्षा तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया, जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत...

नेशनल डेस्कः दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने गुजरात में व्यापक परिचालन समीक्षा की। इस दौरान क्रीक और कच्छ सेक्टर में सुरक्षा तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया, जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र माने जाते हैं।

दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने बड़े पैमाने पर आयोजित ‘डिफेंस ऑफ गुजरात’ रक्षा अभ्यास का निरीक्षण किया। इस अभ्यास के माध्यम से चुनौतीपूर्ण भौगोलिक और परिचालन परिस्थितियों में सेना की युद्ध तत्परता, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता का आकलन किया गया। अभ्यास ने गुजरात के विविध परिचालन क्षेत्रों में राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की दक्षिणी कमान की क्षमता को पुनः सुदृढ़ किया।

भुज सैन्य स्टेशन में सेना कमांडर ने आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली की विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा टीमों के सहयोग से आयोजित मेगा सर्जिकल नेत्र शिविर आउटरीच कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस शिविर में 120 से अधिक दूरस्थ गांवों के 2,500 से अधिक लोगों की जांच की गई, जबकि उन्नत जांच और शल्य चिकित्सा के माध्यम से 200 से अधिक मरीजों की दृष्टि बहाल की गई। यह पहल सीमावर्ती और वंचित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अहमदाबाद में लेफ्टिनेंट जनरल सेठ तथा दक्षिणी कमान आर्मी वीमेन वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की क्षेत्रीय अध्यक्ष कोमल सेठ ने वीर नारियों और वीर माताओं से संवाद किया और उन्हें सम्मानित किया। यह संवाद देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति भारतीय सेना की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।

इस दौरे का समापन ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैन्य गौरव और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। इसमें निफ्ट के विद्यार्थियों द्वारा खादी के माध्यम से भारतीय फैशन का प्रदर्शन, भरतनाट्यम की मनोहारी प्रस्तुति तथा सैनिकों द्वारा झांक पाथक, कलारीपयट्टू और आर्मी मार्शल आर्ट रूटीन (AMAR) जैसे युद्ध कौशल का प्रदर्शन शामिल रहा। समग्र रूप से यह दौरा सक्षम और सुरक्षित भारत की भावना को सशक्त करता है, जिसमें मजबूत रक्षा तैयारियों के साथ जनकल्याण और सांस्कृतिक जुड़ाव को समान महत्व दिया गया। यह पहल विकसित भारत @2047 की दिशा में आगे बढ़ते राष्ट्र के साथ भारतीय सेना के अटूट संबंध को और मजबूत करती है।

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