Edited By Ramanjot,Updated: 30 Jan, 2026 11:19 PM

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो किसी महिला वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे अधिक बजट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
नेशनल डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो किसी महिला वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे अधिक बजट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र के दौरान इस उपलब्धि का विशेष उल्लेख करते हुए इसे नारी नेतृत्व की बड़ी मिसाल बताया।
बजट को लेकर बीजेपी की बड़ी रणनीति
केंद्रीय बजट को आम जनता तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने इस बार बड़े स्तर पर तैयारी की है। पार्टी ने 1 फरवरी से 15 फरवरी तक चलने वाले देशव्यापी ‘बजट आउटरीच कैंपेन 2026’ की घोषणा की है। इस अभियान के जरिए बजट की प्रमुख घोषणाओं, नीतियों और लाभों को सीधे लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
केंद्रीय समिति गठित, बड़े नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी
पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस अभियान के संचालन के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की अगुवाई में एक विशेष केंद्रीय समिति का गठन किया है। समिति में सरोज पांडेय, अनिल एंटनी, नरेंद्र सिंह रैना, जीवीएल नरसिम्हा राव, देवेश कुमार, श्रीकांत शर्मा, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, संजय टंडन और गुरु प्रकाश पासवान जैसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता शामिल किए गए हैं।
अभियान की रूपरेखा और एक्शन प्लान
बीजेपी के मुताबिक, अभियान के तहत देशभर में 150 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी, जिनमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्य मंत्री और पार्टी प्रवक्ता हिस्सा लेंगे। 2 से 10 फरवरी के बीच चरणबद्ध तरीके से प्रेस वार्ताओं के जरिए बजट की अहम विशेषताओं को सामने रखा जाएगा।
इसके अलावा छात्रों, युवाओं, किसानों, महिलाओं, MSME सेक्टर, व्यापारियों, मजदूरों और कारीगरों से सीधा संवाद किया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी बजट को लेकर बड़ा डिजिटल कैंपेन चलेगा, जिसमें शॉर्ट वीडियो रील्स, इन्फ्लुएंसर कोलैबोरेशन और पॉडकास्ट शामिल होंगे।
वरिष्ठ नेता और मंत्री बजट की उपलब्धियों पर पॉडकास्ट में चर्चा करेंगे, वहीं प्रमुख अखबारों में केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के संपादकीय लेख भी प्रकाशित किए जाएंगे। गांवों और शहरी इलाकों में चौपाल जैसी बैठकों के जरिए बजट पर खुली चर्चा कराई जाएगी।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच पेश किया जाने वाला यह बजट सामान्य नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को मजबूत करने वाला एक रोडमैप है। पार्टी का फोकस बजट की सोच, सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की नीतियों को प्रभावी ढंग से जनता के सामने रखने पर रहेगा।