Edited By Niyati Bhandari,Updated: 28 Apr, 2026 09:26 AM

सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम को बड़ी राहत देते हुए 4 मई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने नोटिस प्रक्रिया पर सवाल उठाए और गुजरात सरकार से दस्तावेज मांगे।
नई दिल्ली (इंट): सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद में आसाराम के आश्रम को बड़ी राहत दी है। सर्वोच्च अदालत ने आश्रम की जमीन पर 4 मई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। गुजरात सरकार इस 45,000 वर्ग मीटर जमीन को 2030 कॉमनवैल्थ गेम्स के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वापस लेना चाहती है। आश्रम ट्रस्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें अतिक्रमण और पट्टे के उल्लंघन के आधार पर जमीन खाली करने को कहा गया था। सर्वोच्च अदालत ने पाया कि पहली नजर में ट्रस्ट को उचित नोटिस नहीं दिए गए थे।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बैंच ने गुजरात सरकार से विवादित जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज अदालत के सामने पेश करने के निर्देश दिए। सर्वोच्च अदालत ने पहली नजर में पाया कि आसाराम के ट्रस्ट को नोटिस नहीं भेजे गए थे। बैंच ने सरकार को 3 दिन के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज दाखिल करने के लिए कहा। साथ ही ट्रस्ट को भी 3 दिन का और समय दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि विवादित जमीन पर अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखी जाए।