Edited By Sarita Thapa,Updated: 17 Apr, 2026 08:17 AM

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफ.सी.आर.ए.) के तहत पंजीकरण प्रदान कर दिया है।
नई दिल्ली (इंट): केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफ.सी.आर.ए.) के तहत पंजीकरण प्रदान कर दिया है। इस मंजूरी के साथ अब यह धार्मिक संस्था विदेशों से दान प्राप्त कर सकेगी। यह संस्था धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में संचालित होती है, जो अपने बयानों और ‘हिंदू राष्ट्र’ की वकालत को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं।
एफ.सी.आर.ए. पंजीकरण क्यों है जरूरी?
विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के तहत किसी भी गैर-सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.) या संघ के लिए विदेशी दान प्राप्त करने हेतु पंजीकरण अनिवार्य होता है। यह कानून सुनिश्चित करता है कि विदेशी फंडिंग का उपयोग सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, आर्थिक या धार्मिक गतिविधियों में पारदर्शिता के साथ किया जाए। बिना एफ.सी.आर.ए. पंजीकरण के कोई भी संस्था विदेश से धन नहीं ले सकती।
‘धार्मिक (हिंदू)’ श्रेणी में पंजीकरण
बागेश्वर धाम को ‘धार्मिक (हिंदू)’ श्रेणी के तहत पंजीकृत किया गया है। इसके साथ ही संस्था सांस्कृतिक, सामाजिक और अन्य कार्यक्रमों के लिए भी विदेशी फंड का उपयोग कर सकेगी। 15 अप्रैल तक कुल 38 संस्थाओं को एफ.सी.आर.ए. पंजीकरण दिया गया, जिनमें से 6 संस्थाएं ‘धार्मिक (हिंदू)’ श्रेणी में शामिल हैं। इनमें रामकृष्ण मिशन, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान और राधा स्वामी सत्संग ब्यास जैसी संस्थाएं भी शामिल हैं।
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