Edited By Sarita Thapa,Updated: 29 May, 2026 09:03 AM

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और वहां इस्तेमाल होने वाले बेजुबान जानवरों के लिए बहुत सुख्त कदम उठाएं है। सरकार ने SOP लागू करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि अब किसी भी बेजुबान के साथ किसी भी तरह ही क्रूरता...
Char dham Yatra 2026 news : उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और वहां इस्तेमाल होने वाले बेजुबान जानवरों के लिए बहुत सुख्त कदम उठाएं है। सरकार ने SOP लागू करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि अब किसी भी बेजुबान के साथ किसी भी तरह ही क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नैनीताल हाई कोर्ट और ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि अगर कोई संचालन घोड़ें और खच्चरों को पीटता हुआ पाया गया तो उसी समय उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा और उसके खिलाफ FIR भी दर्ज की जाएगी।
चारधाम यात्रा के दौरान कई लोग पैदल चलने की जगह बड़ी संख्या में घोड़ें और खच्चरों का सहारा लेते हैं। प्रशासन के पशुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए इस आदेश का जारी किया है। इसके साथ ही हर एक किलोमीटर पर पशुओं के लिए गुनगुने पानी की व्यवस्था होगी और नई व्यवस्था के अनुसार, पशुओं की मेडिकल जांच होगी। प्रशासन के अधिकारियों को आदेश दिए है कि चारधाम यात्रा के रास्तों पर खास ध्यान रखा जाएं, ताकि कोई भी संचालन पशुओं के साथ किसी भी तरह की कोई अमानवीय व्यवहार न कर सकें।
प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर भीड़ और हादसों को रोकने के लिए रोजाना चलने वाले पशुओं की संख्या तैय कर दी है। केदारनाथ मार्ग पर अधिकतम 5,000, हेमकुंड साहिब मार्ग पर अधिकतम 1,050 और यमुनोत्री मार्ग अधिकतम 595 घोड़े-खच्चर ही चल पाएंगे। इसके साथ ही रात को यात्रा के लिए घोड़ों और खच्चरों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यात्रा के लिए टोकन सिर्फ सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही मिलेंगे। खराब मौसम, बारिश या बर्फबारी होने पर इनका संचालन तुरंत रोक दिया जाएगा।
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