Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा पर मां गंगा के पावन घाटों पर उमड़ेगी आस्था, जानिए किन तीर्थों पर स्नान से मिलता है विशेष पुण्य

Edited By Updated: 23 May, 2026 11:40 AM

ganga dussehra 2026

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा का पर्व मां गंगा के धरती पर अवतरण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देशभर के प्रमुख घाटों पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक मां गंगा की पूजा और स्नान करने से पूरे परिवार पर शुभ...

Ganga Dussehra 2026: माता गंगा को मोक्षदायिनी, जीवनदायिनी दोनों ही रूपों में पूजा जाता है। इनकी पवित्रता और महत्ता सभी जाती और धर्म के लोग मानते हैं। विभिन्नताओं के देश भारत में पूर्व से लेकर पश्चिम तक उतर से दक्षिण तक सभी मां गंगा को केवल नदी ही नहीं अपितु माता एवं देवी के रूप में पूजते हैं। हिन्दू संस्कृति में गंगा पितृ तर्पण, पितृ शान्ति और भी अनेक मंगल कार्यों में श्रेष्ठ पूज्य हैं। इनकी आराधना से मोक्ष मिलता, पूर्व जन्मों के कर्मों से मुक्ति मिलती है। गंगा जल में बहुत सारे औषधीय गुण और ऑक्सीजन कि मात्रा अधिक होती है। ज्योतिष के अनुसार गंगा जल से ग्रहों के दुष्प्रभाव को भी दूर किया जा सकता है। गंगा दशहरा के दिन की गई मां गंगा की आराधना पूरे कुल को तार सकती है।

Ganga Dussehra 2026

गंगा दशहरा का पर्व मां गंगा के धरती पर अवतरण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देशभर के प्रमुख घाटों पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक मां गंगा की पूजा और स्नान करने से पूरे परिवार पर शुभ प्रभाव पड़ता है।

If you cannot visit the Ganga Ghat, do this at home गंगा घाट न जा सके तो घर में करें ये काम
जो जातक गंगा घाट पर स्नान के लिए नहीं जा सकते, वे गंगा जल से स्नान करें। गंगा जल को घर में छिड़क कर शुद्धि करें।

Ganga Dussehra 2026

Ganga Dussehra Puja Rituals गंगा दशहरा पर गंगा स्नान से पहले और बाद करें ये काम
गंगा स्नान कर मां गंगा की पूजा करें।
जरूरतमंदों को दान दें।
पितरों के लिए तर्पण करें।
गंगा जल घर अवश्य लेकर आएं।
दीपदान करें।
गंगा आरती में अवश्य शामिल होना चाहिए।

Ganga Dussehra 2026

Significance of These Pilgrimage Sites Increases on Ganga Dussehra गंगा दशहरा पर इन तीर्थों का बढ़ जाता है महत्व
Gangasagar गंगासागर

धार्मिक मान्यताओं की मानें तो गंगा दशहरा पर गंगासागर में स्नान करने का अधिक महत्व है। इस दिन गंगा सागर में एक बार डुबकी लगाने पर एक हज़ार गाय दान करने के समान फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि यहां पर गंगा दशहरा पर हज़ारों लोग डुबकी लगाने आते हैं।

Haridwar हरिद्वार
हरिद्वार के बारे में कौन नही जानता होगा, इसे हिंदुओं का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल कहा जाता है। तो ज़ाहिर सी बात है कि गंगा दशहरा पर यहां पर गंगा स्नान करने वाले जातकों के जन्मों-जन्मों के पाप धुल जाते हैं। गंगा दशहरा पर यहां हर की पौड़ी सहित कई घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दिन यहां पर देश-विदेश से हज़ारों की संख्या में लोग स्नान करने के लिए पहुंचते हैं।

Rishikesh ऋषिकेश
हरिद्वार की तरह योग नगरी ऋषिकेश भी हिंदू धर्म से जुड़ा एक प्रमुख स्थल है। जो आध्यात्मिक शांति और गंगा आराधना के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। यही कारण है यहां गंगा स्नान से अदि पुण्य प्राप्त होते हैं। खासतौर पर गंगा दशहरा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन यहां श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

Varanasi वाराणसी
शिव शंकर की नगरी काशी को धार्मिक शास्त्रों में संसार के सबसे पुराने शहरों में एक कहा गया है। भगवान शिव की प्रिय नगरी काशी में गंगा दशहरा का उत्सव बेहद भव्य रूप में मनाया जाता है।  गंगा दशहरा के दिन बाबा विश्वनाथ की नगरी में लाखों की गिनती में भक्त आस्था की डुबकी लगाने आते हैं। दशाश्वमेध घाट और अन्य घाटों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। मान्यता है कि यहां गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Sultanganj सुल्तानगंज
बिहार के सुल्तानगंज में गंगा दशहरा पर स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही साथ हर तरह की इच्छा पूरी होती है। इस दिन यहां पर डुबकी लगाने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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