जानिए किसके लिए लक्ष्मी-नारायण ने धारण किया था ब्राह्मण-ब्राह्मणी का वेश

Edited By Jyoti,Updated: 07 Jul, 2022 11:46 AM

dharmik katha in hindi

एक बार महाराष्ट्र में अकाल पड़ा। अन्न के अभाव से लोग भूख-प्यास से मरने लगे। धामण गांव के पटवारी माणकोजी बोधला उसी समय अकाल पीड़ितों की सेवा में तन-मन-धन से जुट गए। उन्होंने अपने घर तथा खेत के

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
एक बार महाराष्ट्र में अकाल पड़ा। अन्न के अभाव से लोग भूख-प्यास से मरने लगे। धामण गांव के पटवारी माणकोजी बोधला उसी समय अकाल पीड़ितों की सेवा में तन-मन-धन से जुट गए। उन्होंने अपने घर तथा खेत के गोदामों में रखा सारा अनाज अकाल पीड़ितों को बांट डाला। लोग अभी भी भूख से मर रहे थे। पटवारी तथा उनकी पत्नी ने घर के समस्त आभूषण तथा पशु तक बेच कर अकाल पीड़ितों के लिए बाहर से अन्न मंगाकर बांट दिया।
PunjabKesari, Lakshmi Narayan, Lakshmi Ji, Sri hari Vishnu, Dharmमाणकोजी ने देखा कि अभी भी मदद मांगने वाले अकाल-पीड़ितों का तांता लगा हुआ है। उन्होंने कुल्हाड़ी उठाई तथा जंगल में पहुंच गए। लकड़ियां काटीं तथा उन्हें बेचकर मिले तीन पैसों में से एक पैसा भगवान को अर्पित किया तथा दो पैसे का आटा मंगाकर अकाल पीड़ितों और भूखों की प्रतीक्षा करने लगे। लोगों को यह पता चल गया था कि माणकोजी अकाल पीड़ितों की सहायता से अपना सब कुछ गंवा चुके हैं।
 

1100  रुपए मूल्य की जन्म कुंडली मुफ्त में पाएं । अपनी जन्म तिथि अपने नाम , जन्म के समय और जन्म के स्थान के साथ हमें 96189-89025 पर वाट्स ऐप करें
PunjabKesari

उन्हें दीन-हीन मानकर कोई उनके पास मांगने नहीं आया वह निराश होकर शैया पर लेट गए। उन्हें अपनी थकान या शारीरिक पीड़ा का उतना ध्यान नहीं था, जितना कि इस बात का दुख था कि वह अकाल पीड़ितों की मदद करने में पूरी तरह से समर्थ नहीं हो पा रहे थे।
PunjabKesari, Brahmin, Brahmani, ब्राह्माणी, ब्राह्माण
तभी भगवान लक्ष्मी-नारायण ने ब्राह्मण-ब्राह्मणी का रूप धारण किया तथा माणकोजी के घर जा पहुंचे। माणकोजी ने उनके सामने पोटली खोलकर आटा रख दिया तथा कहा, ‘‘महाराज, रोटियां बनवाए देता हूं, उन्हें प्रसाद के रूप में ग्रहण कर लेना। घर ले जाने को देने के लिए अब मेरे पास कुछ नहीं बचा है।’’

देखते ही देखते ब्राह्मण-ब्राह्मणी के स्थान पर लक्ष्मी-नारायण प्रकट हो गए, जो भूख-पीड़ितों के प्रति करुणा की भावना से प्रसन्न होकर माणकोजी को आशीर्वाद दे रहे थे। उनकी कृपा से अनाज की कमी भी दूर हो गई।

 

Related Story

West Indies

137/10

26.0

India

225/3

36.0

India win by 119 runs (DLS Method)

RR 5.27
img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!