Edited By Tanuja,Updated: 11 Apr, 2026 06:44 PM

इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान-पाकिस्तान त्रिपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। अलग-अलग बैठकों, सख्त शर्तों और अविश्वास के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। ईरान ने लेबनान युद्धविराम और संपत्ति रिलीज की मांग रखी, जबकि ट्रंप ने होर्मुज और परमाणु मुद्दे को प्राथमिकता...
International Desk: इस्लामाबाद में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित त्रिपक्षीय वार्ता शुरू हो गई है। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और दुनिया की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है। वार्ता से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस बैठक में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर भी शामिल रहे।
दूसरी ओर, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने भी अलग बैठक में प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मोहम्मद बगेर गालिबफ कर रहे हैं, जबकि अब्बास अराघची भी उनके साथ हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने उम्मीद जताई कि दोनों देश रचनात्मक बातचीत करेंगे और एक स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे। पाकिस्तान खुद को इस पूरे घटनाक्रम में मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि, वार्ता की शुरुआत से पहले ही कई मतभेद सामने आ चुके हैं। ईरान ने साफ किया है कि वह लेबनान में युद्धविराम और विदेशों में जमी उसकी संपत्तियों को मुक्त किए बिना आगे नहीं बढ़ेगा। वहीं, अमेरिका ने इन संपत्तियों को रिलीज करने की खबरों को खारिज कर दिया है। इससे वार्ता का माहौल और जटिल हो गया है।इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को किसी भी हालत में जहाजों के लिए खुला रखा जाएगा।
साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना अपनी प्राथमिकता बताया। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने भी साफ संकेत दिया है कि अगर अमेरिका “America First” नीति पर बातचीत करता है तो समझौता संभव है, लेकिन “Israel First” रुख अपनाने पर कोई डील नहीं होगी। अब अगले 48 घंटे तय करेंगे कि यह बातचीत इतिहास बनाएगी या एक और असफल कूटनीतिक प्रयास बनकर रह जाएगी।