मिडल ईस्ट तनाव के बीच चीन का बड़ा फैसलाः ताइवान के लिए दिखाया प्यार, खोली उड़ानें और व्यापार

Edited By Updated: 12 Apr, 2026 03:34 PM

china says it will resume some ties with taiwan including more direct flights

China ने Taiwan के साथ कुछ संबंध बहाल करने का ऐलान किया है । सीधी उड़ानें और समुद्री उत्पादों का आयात फिर शुरू होगा। यह कदम हालिया राजनीतिक मुलाकातों के बाद आया, लेकिन दोनों के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब भी बरकरार है।

Bejing: मिडल ईस्ट में तनाव के बीच चीन (China) ने घोषणा की है कि वह  ताइवान (Taiwan) के साथ कुछ समय से रुके हुए संबंधों को फिर से शुरू करेगा। इस फैसले में सीधी उड़ानों की बहाली और ताइवान के समुद्री (मत्स्य) उत्पादों का आयात शामिल है।  यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिंतांग (KMT) के नेताओं ने हाल ही में चीन का दौरा किया। इस दौरान उनकी मुलाकात Xi Jinping से हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने शांति और संवाद बढ़ाने की बात कही।

 

चीन ने अपने बयान में कहा कि वह ताइवान के साथ एक दीर्घकालिक संवाद तंत्र (communication mechanism) बनाने की संभावना भी तलाश रहा है, ताकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रह सके। इसके अलावा, चीन ने योजना बनाई है कि वह शीआन और उरुमकी जैसे शहरों से ताइवान के लिए सीधी उड़ानें फिर शुरू करेगा। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह व्यवस्था कब और कैसे लागू होगी।

 

 रिश्ते कब बिगड़े
चीन और ताइवान के बीच संबंध 2016 के बाद से लगातार खराब होते गए। जब Tsai Ing-wen की पार्टी सत्ता में आई, तो चीन ने ताइवान सरकार के साथ अपने ज्यादातर आधिकारिक संपर्क बंद कर दिए।

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  • चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ा दीं
  • रोजाना लड़ाकू विमान और जहाज भेजने शुरू किए
  • व्यापार और यात्रा पर कई प्रतिबंध लगा दिए

 

व्यापार और यात्रा पर असर

  • 2019 में चीन ने अपने नागरिकों के ताइवान जाने पर रोक लगा दी
  • ताइवान ने भी सख्त वीजा नियम लागू कर दिए
  • 2021 से चीन ने अनानास, मछली, स्क्विड, टूना जैसी चीजों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया
  • अब चीन इन प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील दे रहा है, जिससे दोनों के बीच व्यापार बढ़ सकता है।

 

नए प्रोजेक्ट्स की योजना
चीन ने यह भी कहा है कि वह मात्सु और किनमेन द्वीपों को जोड़ने के लिए पुल बनाने पर काम करेगा।  ये द्वीप ताइवान के हैं, लेकिन भौगोलिक रूप से चीन के काफी करीब हैं।  हालांकि ये कदम रिश्तों में सुधार का संकेत हैं, लेकिन मूल विवाद अब भी बना हुआ है  कि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है जबकि 
ताइवान खुद को स्वतंत्र और अलग शासन वाला क्षेत्र मानता है।  यही वजह है कि दोनों के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
 

 

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