Edited By Tanuja,Updated: 11 Apr, 2026 03:57 PM

चीन में 2026 की पहली तिमाही में अंतरराष्ट्रीय यात्रा में तेज उछाल देखा गया है। विदेशी यात्रियों और कुल ट्रैफिक में दोहरे अंकों की वृद्धि हुई। भारत-चीन के बीच नई उड़ानों, खासकर शंघाई-कोलकाता कनेक्टिविटी, से पर्यटन और व्यापारिक संबंधों को भी नई मजबूती...
International Desk: साल 2026 की पहली तिमाही में चीन में अंतरराष्ट्रीय यात्रा में बड़ा उछाल देखा गया है। नई दिल्ली से सामने आई जानकारी के अनुसार शू फेइहोंग ने बताया कि इस दौरान कुल 185 मिलियन इनबाउंड और आउटबाउंड यात्राएं हुईं, जो पिछले साल के मुकाबले 13.5% ज्यादा हैं। वहीं विदेशी यात्रियों की संख्या 21.33 मिलियन रही, जो 22.3% की वृद्धि दर्शाती है। इस तेजी की मुख्य वजह आसान वीजा नीतियां, बढ़ता व्यापार और पर्यटन में फिर से बढ़ती रुचि मानी जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि कोविड के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा अब तेजी से सामान्य हो रही है।
भारत और चीन के बीच भी हवाई कनेक्टिविटी में सुधार देखने को मिल रहा है। प्रतीक माथुर ने हाल ही में शंघाई और कोलकाता के बीच शुरू हुई सीधी उड़ान का स्वागत किया। IndiGo ने कोलकाता-शंघाई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप फ्लाइट शुरू की है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह उड़ान A320neo विमान से संचालित की जा रही है।इस नई कनेक्टिविटी के जरिए अब दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई जैसे कई भारतीय शहर भी आसानी से शंघाई से जुड़ सकेंगे।
क्या है इसका मतलब?
चीन में पर्यटन और व्यापार तेजी से बढ़ रहा है।
भारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेत।
एयर कनेक्टिविटी से आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा।