Edited By Niyati Bhandari,Updated: 28 Oct, 2026 08:21 AM

साल के अंत में क्रिसमस व नए साल पर छुट्टियां मनाने के लिए हवाई यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार महंगे हवाई किराए का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू हवाई किराए में पिछले साल की तुलना में 30 से 68 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय किराए 30 से 90 प्रतिशत...
नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): साल के अंत में क्रिसमस व नए साल पर छुट्टियां मनाने के लिए हवाई यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार महंगे हवाई किराए का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू हवाई किराए में पिछले साल की तुलना में 30 से 68 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय किराए 30 से 90 प्रतिशत तक की वृद्धि सामने आई है। ऐसे में कई यात्री अपनी छुट्टियों की योजनाओं में बदलाव करने और रेल यात्रा जैसे विकल्पों पर विचार करने को मजबूर हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2005 के मुकाबले दिल्ली-हैदराबाद रूट पर हवाई किराए में 68 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि मुम्बई-कोलकाता रूट पर हवाई टिकट 51 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं। दिल्ली-गोवा रूट पर किराए में 39 प्रतिशत व मुंबई-बेंगलुरु रूट पर 37 प्रतिशत तक की वृद्धि सामने आई है।
विमानन क्षेत्र के आंकड़ों पर ध्यान दें तो अक्तूबर से दिसम्बर 2026 की तिमाही में घरेलू उड़ानों की निर्धारित संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब पांच प्रतिशत कम है। कुल सीट क्षमता भी लगभग 1.2 प्रतिशत घटी है। कुछ रूटों पर एयरलाइंस बड़ी क्षमता वाले विमानों का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन उड़ानों के समय और विकल्पों में कमी से यात्रियों को सुविधाजनक टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है।
ऐसे में दिसम्बर और जनवरी के व्यस्त पर्यटन सीजन से पहले विमान किरायों में आए उछाल ने लोगों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। त्योहार व नए साल का जश्न मनाने पर्यटक स्थल जाने की योजना बना रहे लोगों का बढ़े हवाई किराए ने बजट बिगाड़ दिया है। स्थिति यह हो गई है कि कई परिवारों ने अपनी यात्रा योजनाएं बदल दी हैं। कुछ लोग हवाई यात्रा के बजाय अब ट्रेन से सफर करने का विकल्प चुन रहे हैं।
जबकि कई यात्रियों ने महंगे विदेशी पर्यटन स्थलों की जगह देश के भीतर कम खर्च वाले स्थानों पर जाने का फैसला किया है।