Edited By Sarita Thapa,Updated: 31 Aug, 2026 01:16 PM

हिंदू धर्म में हल छठ को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हल छठ हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसके बलराम जयंती रूप में भी मनाया जाता है। श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का शस्त्र हल है और षष्ठी तिथि को जन्म होने का...
Hal Shashthi 2026 Date : हिंदू धर्म में हल छठ को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हल छठ हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इसके बलराम जयंती रूप में भी मनाया जाता है। श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का शस्त्र हल है और षष्ठी तिथि को जन्म होने का कारण इस दिन को हल षष्ठी या हल छठ कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला यह व्रत बेहद खास माना जाता है। तो आइए जानते हैं हल छठ की तिथि, शुभ मुहूर्त और शुभ संयोग के बारे में-
हल छठ 2026 तारीख हल षष्ठी
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 2 सितंबर को सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर शुरु होगी और इसका समापन 3 सितंबर को सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा। सूर्योदय की तिथि के अनुसार, हल छठ या हल षष्ठी 2 सितंबर बुधवार को है।
हल छठ 2026 शुभ मुहूर्त
हल षष्ठी के दिन सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 04 बजकर 29 मिनट से 05 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। ध्यान दें कि इस दिन अभिजीत मुहूर्त का संयोग नहीं बन रहा है। इस दिन शाम 06 बजकर 42 मिनट पर सूर्यास्त होगा, जिसके तुरंत बाद प्रदोष काल का समय शुरू हो जाएगा।
प्रातःकाल लाभ (उन्नति) समय: 05 बजकर 59 मिनट से 07 बजकर 35 मिनट तक।
प्रातःकाल अमृत (सर्वोत्तम) समय: 07 बजकर 35 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक।
पूर्वाह्न शुभ (उत्तम) समय: 10 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 21 मिनट तक।
अपराह्न चर (सामान्य) समय: 03 बजकर 31 मिनट से 05 बजकर 06 मिनट तक।
सायंकाल लाभ (उन्नति) समय: 05 बजकर 06 मिनट से 06 बजकर 42 मिनट तक।
हल छठ 3 शुभ योग
ध्रुव योग: सुबह से शुरू होकर रात 09 बजकर 12 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके पश्चात पूरी रात 'व्याघात योग' बना रहेगा।
रवि योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग: इन दोनों अत्यंत शुभ योगों का दुर्लभ संयोग मध्य रात्रि 01 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 06:00 बजे तक रहेगा।
भरणी नक्षत्र: इस दिन प्रातःकाल से लेकर देर रात 01 बजकर 43 मिनट तक भरणी नक्षत्र रहेगा।
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