Edited By Sarita Thapa,Updated: 14 Aug, 2026 11:47 AM

सावन का महीना शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत शुभ और खास माना जाता है। यह पर्व पति की लंबी उम्र, सुखी दापंत्य जीवन और मन की हर इच्छा प्राप्ति करने के लिए रखा जाता है।
Hariyali Teej 2026 : सावन का महीना शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत शुभ और खास माना जाता है। यह पर्व पति की लंबी उम्र, सुखी दापंत्य जीवन और मन की हर इच्छा प्राप्ति करने के लिए रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन हरियाली तीज का व्रत तभी सफल माना जाता है, जब पूजा साम्रगी और थाली में सभी जरूरी चीजें शामिल की जाएं। यदि आप भी इस साल तीज का व्रत रखने जा रहे हैं, तो अपनी पूजा की थाली में यह चीजें रखना न भूलें।
सोलह श्रृंगार की सामग्री
हरियाली तीज का व्रत अखंड सौभाग्य से जुड़ा है। इसलिए पूजा की थाली में माता पार्वती के लिए हरी चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी, आलता, मेहंदी, बिछिया और लाल चुनरी जैसी श्रृंगार सामग्री जरूर रखें। पूजा के बाद इसे किसी ब्राह्मण महिला को दान करें या सास का आशीर्वाद लेकर उन्हें दें।
हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां
सावन का महीना प्रकृति की हरियाली का प्रतीक है। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है। पूजा की थाली में माता पार्वती के अर्पण के लिए हरे रंग के वस्त्र या हरी चूड़ियां अवश्य शामिल करें। इससे दांपत्य जीवन में खुशहाली और प्रेम बढ़ता है।

ताजे बेलपत्र और धतूरा
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र और धतूरा सबसे प्रिय माना जाता है। पूजा की थाली में कम से कम 5 या 11 साबुत बेलपत्र और धतूरा रखें। इन्हें 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें।
घेवर और सुहाग का नैवेद्य
हरियाली तीज पर घेवर का प्रसाद चढ़ाने की प्राचीन परंपरा है। भगवान शिव और माता पार्वती को भोग लगाने के लिए थाली में ताज़ा घेवर, फल या घर का बना हलवा जरूर रखें। यह मिठास आपके रिश्ते में भी मिठास घोलती है।
काली मिट्टी या बालू की शिव-पार्वती मूर्ति
यदि आप घर पर ही पूजा कर रही हैं, तो काली मिट्टी या शुद्ध बालू से हाथ से बनी शिव-पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा को थाली/चौकी पर स्थापित करें। मिट्टी की प्रतिमा की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है।

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