Heramba Sankashti Chaturthi 2026 : कब मनाई जाएगी हेरंब संकष्टी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, शुभ योग और चंद्रोदय का समय

Edited By Updated: 28 Aug, 2026 03:00 PM

heramba sankashti chaturthi 2026

हिंदू धर्म में हेरंब संकष्टी का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी को हेरंब संकष्टी के नाम से जाना जाता है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी को समर्पित है।

Heramba Sankashti Chaturthi 2026 : हिंदू धर्म में हेरंब संकष्टी का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी को हेरंब संकष्टी के नाम से जाना जाता है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश जी को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन की सारी परेशानियों से छुचकारा मिलता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन दिन गणपति जी के हेरंब स्वरूप की पूजा की जाती है, जिन्हें  दसों दिशाओं के रक्षक और  कमजोरों का आश्रयदाता माना गया है। तो आइए जानते हैं हेरंब संकष्टी के शुभ मुहूर्त और शुभ योग और चंद्रोदय का समय के बारे में-

हेरंब संकष्टी चतुर्थी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त 

भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 31 अगस्त को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर होगी और इसका समापन 1 सितंबर को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रोदय से संबंध तिथि के अनुसार,  हेरंब संकष्टी चतुर्थी का व्रत 31 अगस्त मनाई जाएगी। गणेश जी की पूजा के लिए  पहला समय सुबह 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक रहेगा और समय   9 बजकर 10 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक है। 

चंद्रोदय का समय

संकष्टी चतुर्थी व्रत की पूर्णता चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही माना जाता है।  31  अगस्त की रात 8 बजकर 29 मिनट पर चंद्रोदय होगा। अर्घ्य देने के बाद व्रती अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार पारण कर सकते हैं। जो लोग अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का समापन करते हैं, वे 1 सितंबर को प्रातः 5 बजकर 59 मिनट के बाद पारण कर सकते हैं।

हेरंब संकष्टी शुभ योग

हेरंब गणपति का स्वरूप अत्यंत दिव्य है- वे पांच मस्तक और दस भुजाओं वाले हैं तथा शेर पर विराजमान हैं। हेरंब शब्द का अर्थ है दीन-दुखियों की रक्षा करने वाला नायक। इस दिन प्रातःकाल से ही सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसमें पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!