Edited By Sarita Thapa,Updated: 30 Aug, 2026 01:16 PM

हेरम्ब संकष्टी का दिन भगवान गणेश के सिद्ध और शक्तिशाली स्वरूप हेरम्ब गणपति की पूजा के लिए समर्पित है। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को बहुला चतुर्थी मनाई जाती है।
Heramba Sankashti Vastu Remedies :हेरम्ब संकष्टी का दिन भगवान गणेश के सिद्ध और शक्तिशाली स्वरूप हेरम्ब गणपति की पूजा के लिए समर्पित है। हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को बहुला चतुर्थी मनाई जाती है। माना जाता है इस दिन गणेश जी की हेरम्ब रूप में पूजा करने से भक्तों के दुख दूर होते हैं और उन पर गणपति जी की खास कृपा बनी रहती है। इस साल हेरम्ब संकष्टी 31 अगस्त , 2026 सोमवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन पूजा-अर्चना के साथ-साथ वास्तु शास्त्र के कुछ खास उपायों को अपनाने से घर का वातावरण सकारात्मक बनता है और पारिवारिक क्लेश व दरिद्रता समाप्त होती है।
हेरम्ब संकष्टी के दिन करने योग्य प्रभावी वास्तु उपाय
मुख्य द्वार पर मोदक या दूर्वा चढ़ाना
घर के मुख्य प्रवेश द्वार को अच्छी तरह साफ करें और वहां हल्दी से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। इसके बाद द्वार पर पंचमुखी या विघ्नहर्ता स्वरूप की छोटी तस्वीर या मूर्ति स्थापित कर उन्हें दूर्वा अर्पित करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती।
उत्तर-पूर्व की सफाई
घर के ईशान कोण में पूजा स्थल को विशेष रूप से स्वच्छ रखें। हेरम्ब संकष्टी के दिन इस दिशा में गंगाजल का छिड़काव करें और पीले या लाल रंग के वस्त्र पर भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान करें।

पान का पत्ता और रोली का उपाय
पूजा की थाली में एक साबुत पान का पत्ता रखें, उस पर थोड़ा सा रोली और अक्षत लगाकर हेरम्ब गणेश के चरणों में अर्पित करें। संध्या आरती के बाद इसे घर की तिजोरी या धन स्थान पर रख दें। इससे आर्थिक अड़चनें दूर होती हैं।
दूर्वा और शमी पत्र का अर्पण
भगवान हेरम्ब को 21 दूर्वा की गांठे और शमी का पत्ता अर्पित करें। दूर्वा चढ़ाते समय "ॐ गं गणपतये नमः" या "ॐ हेरम्बाय नमः" का मानसिक जाप करें। यह घर के सदस्यों के बीच चल रहे तनाव को कम कर आपसी प्रेम बढ़ाता है।

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