Hornbill Festival 2025: दुनिया भर में लोकप्रिय है हॉर्नबिल महोत्सव, अनोखा अनुभव

Edited By Updated: 05 Dec, 2025 03:01 PM

hornbill festival 2025

Hornbill Festival 2025: नगालैंड का प्रतिष्ठित ‘हॉर्नबिल फैस्टिवल’ 1-10 दिसंबर तक कोहिमा के पास किसामा हेरिटेज विलेज में मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस भव्य सांस्कृतिक उत्सव में इस वर्ष 6 देश बतौर सांझेदार शामिल होंगे। हॉर्नबिल फैस्टिवल के...

Hornbill Festival 2025: नगालैंड का प्रतिष्ठित ‘हॉर्नबिल फैस्टिवल’ 1-10 दिसंबर तक कोहिमा के पास किसामा हेरिटेज विलेज में मनाया जाता है। 10 दिनों तक चलने वाले इस भव्य सांस्कृतिक उत्सव में इस वर्ष 6 देश बतौर सांझेदार शामिल होंगे। हॉर्नबिल फैस्टिवल के 26वें संस्करण की शुरुआत नागालैंड राज्य स्थापना दिवस पर होगी। वर्ष 2000 में शुरू हुआ यह महोत्सव राज्य की सभी नागा जनजातियों की संस्कृति, परंपराओं और विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। आज यह नागालैंड का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और पर्यटन कार्यक्रम बन चुका है।

यह उत्सव किसामा में आयोजित होता है, जो कोहिमा से करीब 12 किलोमीटर दक्षिण में राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर स्थित है। यहां सभी नागा जनजातियां अपने पारंपरिक नृत्य, संगीत, भोजन और हस्तशिल्प का प्रदर्शन करती हैं, जिससे आगंतुकों को नागा संस्कृति का जीवंत अनुभव मिलता है।

पिछले वर्षों में हॉर्नबिल फैस्टिवल एक अंतरराष्ट्रीय मंच में तब्दील हो चुका है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
इस बार फ्रांस, आयरलैंड, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, माल्टा और ऑस्ट्रिया सांझेदार देशों के तौर पर उत्सव में भाग लेंगे, जबकि अरुणाचल प्रदेश विशेष राज्य अतिथि होगा।

इसके अलावा राज्य की 18 प्रमुख नागा जनजातियां अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करेंगी। उत्सव की आधिकारिक मेजबानी नागालैंड के राज्यपाल, सांझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की जाएगी।

इसे ‘फैस्टिवल ऑफ फैस्टिवल्स’ भी कहा जाता है क्योंकि नागालैंड की लगभग सभी प्रमुख जनजातियां अपने-अपने पारंपरिक त्यौहारों, नृत्यों, संगीत और कला को इसी मंच पर प्रस्तुत करती हैं। इस उत्सव का नाम ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल पक्षी से लिया गया है, जो नागा समाज में सम्मान, बहादुरी और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

उत्सव की शुरुआत और उद्देश्य
हॉर्नबिल फैस्टिवल की शुरुआत वर्ष 2000 में नागालैंड सरकार द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य था-राज्य की विविध व प्राचीन संस्कृति को एक सांझे मंच पर प्रदर्शित करना, नागा युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ना और पर्यटन को बढ़ावा देना। आज यह उत्सव न केवल भारत के कोने-कोने से, बल्कि विदेशों से भी हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

नागा जनजातियों की सांस्कृतिक झलक
नागालैंड में 16 से अधिक प्रमुख जनजातियां हैं जैसे आओ, अंगामी, सेमा, लोथा, चाखेसांग, कोन्याक, फोम, चांग आदि। इन सभी की वेशभूषा, रहन-सहन, भाषा और पारंपरिक उत्सव अलग-अलग होते हैं। हॉर्नबिल फैस्टिवल इन सभी जनजातियों को एक ही मंच प्रदान करता है।

उत्सव में जनजातियों के पारंपरिक नृत्य विशेष आकर्षण होते हैं विशेषकर वॉर डांस, टाइगर डांस, और महिला समूह नृत्य। अलग-अलग जनजातियों के पुरुष पारंपरिक गमछे, पशु-दांत, सींग, पंख और मनके से बने आभूषण पहनते हैं। महिलाएं रंगीन बुनाई वाले स्कर्ट, दुपट्टे और बहुरंगी माला से सजी दिखाई देती हैं।

हस्तशिल्प और कला का अद्भुत संसार
फैस्टिवल का एक प्रमुख आकर्षण है नागा हस्तशिल्प जैसे  बांस और बेंत से बने शिल्प, लकड़ी पर जटिल नक्काशी, पारंपरिक रंगाई-बुनाई की तकनीक, मनकों से बने हार और कंगन, मशहूर नागा शील्ड और हैडगियर, उत्सव में लगी हस्तशिल्प प्रदर्शनी पर्यटकों को नागा शिल्प कौशल का अनूठा अनुभव देती है।

एडवैंचर और लोक खेल
उत्सव केवल नृत्य-संगीत तक सीमित नहीं, बल्कि यहां कई परंपरागत खेल और प्रतियोगिताएं भी होती हैं जैसे नागा कुश्ती, तीरंदाजी, जॉसिटिंग और स्पीयर थ्रो, राइस-बीयर बनाने की प्रतियोगिता, लकड़ी काटने और पहाड़ी दौड़ जैसी गतिविधियां। ये खेल नागाओं की शक्ति, कौशल, धैर्य और सामुदायिक भावना को उजागर करते हैं।

मॉडर्न और ट्राइबल संगीत का संगम
उत्सव की शामों में रॉक कन्सर्ट, लोक-संगीत, फ्यूजन परफॉर्मैंस और युवा बैंडों की प्रस्तुतियां होती हैं। नागालैंड को ‘लैंड ऑफ म्यूजिक’ कहा जाता है और हॉर्नबिल फैस्टिवल इसकी सबसे प्रभावशाली मिसाल है। कई अंतरराष्ट्रीय बैंड भी इस दौरान भाग लेते हैं, जिससे उत्सव का माहौल बेहद ऊर्जावान हो जाता है।

नागा जीवन-शैली की झलक
किसामा हैरिटेज विलेज में अलग-अलग जनजातियों के पारंपरिक मोरुंग (युवा भवन), घर और प्रदर्शनी हॉल बनाए गए हैं। इन्हें देखकर आगंतुक नागा समाज की वास्तुकला, दैनिक जीवन, पूजा-पाठ और सामाजिक व्यवस्था के बारे में जान सकते हैं।

हॉर्नबिल फैस्टिवल ने नागालैंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर ला खड़ा किया है। हॉर्नबिल फैस्टिवल केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि नागालैंड की अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह उत्सव हमें यह सिखाता है कि विविधता में ही शक्ति निहित है। चाहे आप संस्कृति प्रेमी हों, संगीत-रसिक हों, प्रकृति के चाहने वाले हों या खाने के शौकीन, हॉर्नबिल फैस्टिवल हर किसी के लिए अपने द्वार खोलकर एक अनोखा अनुभव देता है।

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