Edited By Sarita Thapa,Updated: 30 May, 2026 05:59 PM

हिंदू धर्म में ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा को बहुत खास माना जाता है। साल में 12 पूर्णिमा तिथि पड़ती है। हर एक पूर्णिमा तिथि का अपन विशेष महत्व है। यह माह भगवान विष्णु को समर्पित होता है।
Jyeshtha Adhik Purnima Upay 2026 : हिंदू धर्म में ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा को बहुत खास माना जाता है। साल में 12 पूर्णिमा तिथि पड़ती है। हर एक पूर्णिमा तिथि का अपन विशेष महत्व है। यह माह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस वर्ष अधिक मास पड़ने के कारण ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का महत्व कई गुना बढ़ गया है। इस बार ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा 31 मई, दिन रविवार को पड़ रही है। माना जाता है कि पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने, दान, जप, तप और दीपदान करने से मन की हर मनोकामना पूरी होती है और सभी पापों से छुटकारा मिलता है। साथ ही इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने और व्रत व्रत रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन कुछ खास उपायों को करने से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। तो आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से उपाय करने चाहिए।
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के दिन करें यह खास उपाय
पीपल के पेड़ की पूजा करें
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास और माता लक्ष्मी का आगमन माना जाता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा की सुबह एक लोटे में जल, थोड़ा सा कच्चा दूध और शक्कर मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करें और पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाएं। इस उपाय को करने से माता लक्ष्मी और श्री हरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है।
चंद्र देव को अर्घ्य दें
ज्येष्ठ पूर्णिमा की रात चंद्रमा को अर्घ्य देना बहुत खास और पुण्यदायी माना जाता है। रात के समय एक पात्र में जल, गंगाजल, कच्चा दूध, चावल और सफेद फूल डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और उनके मंत्रों का जाप करें। यह उपाय कुंडली में चल रहे चंद्र दोष और मानसिक तनाव से गुजर रहे लोगों के लिए खास माना जाता है।

मुख्य द्वार पर हल्दी और गंगाजल का छिड़काव करें
ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए हल्दी और गंगाजल का छिड़काव करें। यह उपाय सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। साथ ही इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
ज्येष्ठ का महीना भारी गर्मी का होता है, इसलिए इस समय किए गए दान का फल कई गुना होकर मिलता है। पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद लोगों को पानी का घड़ा, सत्तू, आम, तरबूज, पंखा या सफेद रंग के वस्त्र दान करें। इस दिन भूखों को भोजन कराने से पितृ दोष शांत होता है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

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